टीआरपी डेस्क। इंडिगो एयरलाइन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए शनिवार का दिन भी परेशानी भरा साबित हुआ। एयरलाइन ने लगातार पांचवें दिन कई उड़ानें रद्द कर दीं, जिसके कारण विभिन्न एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। इंडिगो पहले ही बयान जारी कर बता चुकी है कि परिचालन पूरी तरह सामान्य होने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। शनिवार को तिरुवनंतपुरम और अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की गईं।

अधिकारियों के अनुसार, तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दिनभर में छह घरेलू उड़ानें रद्द हुईं, जिससे यात्रियों के यात्रा कार्यक्रम प्रभावित हुए। एयरलाइन की कुल 26 उड़ानें निर्धारित थीं, जिनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानें शामिल थीं। 6 दिसंबर को इंडिगो की 22 घरेलू उड़ानें शेड्यूल थीं, जिनमें 11 आगमन और 11 प्रस्थान की उड़ानें थीं, जबकि चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रस्तावित थीं।

रद्द की गई छह घरेलू उड़ानों में तीन आगमन और तीन प्रस्थान की उड़ानें शामिल थीं। इन रद्द उड़ानों के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा, जहां रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच सात आगमन और 12 प्रस्थान उड़ानें रद्द की गईं। हालात एयरलाइन की बीते हफ्तों से जारी परिचालन संबंधी चुनौतियों को दर्शाते हैं।

See also  तमिलनाडु में एक दिन में अबतक के सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव 2532 केस, हड़कंप

कई अन्य एयरपोर्ट पर भी इंडिगो ने शनिवार को उड़ानें निरस्त कर दीं। लखनऊ से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे और गुवाहाटी सहित कई शहरों की उड़ानें रद्द रहीं। एयर इंडिया की भी दो उड़ानें रद्द हुईं। लखनऊ एयरपोर्ट पर सुबह से यात्रियों की भीड़ और नाराजगी देखी गई। इंडिगो के बोर्डिंग काउंटर पर यात्रियों और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी रही। रिफंड और अन्य विकल्पों के लिए लंबी कतार लगी रही, हालांकि चाहकर भी यात्रियों को तत्काल राहत नहीं मिल सकी। कई यात्री सड़क मार्ग से आगे की यात्रा पर मजबूर हुए।

इंडिगो संकट पर डीजीसीए ने भी संज्ञान लिया है। शुक्रवार को निदेशालय ने परिचालन रुकावटों की समीक्षा और मूल्यांकन के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। DGCA ने कहा कि इंडिगो FDTL CAR 2024 के तहत संशोधित ड्यूटी पीरियड, फ्लाइट ड्यूटी, फ्लाइट टाइम लिमिटेशन और निर्धारित विश्राम अवधि लागू करने में आवश्यक तैयारी नहीं कर पाई है।

See also  Lockdown 2.0: MSME के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा कर सकती है सरकार

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।