केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

टीआरपी डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने के लिए नेशनल पॉलिसी को संशोधित किया है। इसके तहत अब अस्पतालों में भर्ती होने के लिए कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य नहीं होगा।

कोरोना के लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों को भी सस्पेक्टेड वॉर्ड में एडमिट किया जाएगा। ये वॉर्ड कोविड केयर सेंटर, पूर्ण समर्पित कोविड केयर सेंटर और कोविड अस्पतालों में भी बनाए जाएंगे। नई पॉलिसी में यह भी साफ किया गया है कि मरीजों को उनके राज्य के आधार पर भी इलाज देने से इनकार नहीं किया जा सकता।

बता दें कि पहले अस्पतालों में भर्ती होने के लिए कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट अनिवार्य होती थी। नए बदलाव के बाद अब रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। मरीजों पहले रिपोर्ट के चक्कर में काफी परेशान होना पड़ता था। इस दौरान कई मरीजों की मौत भी हो गई।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, होम आइसोलेशन में 10 दिनों तक रहने और लगातार तीन दिनों तक बुखार न आने की स्थिति में मरीज होम आइसोलेशन से बाहर आ सकते हैं। उस समय टेस्टिंग की जरूरत नहीं होगी। स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मरीज की स्थिति को हल्का या बिना लक्षण वाला केस तय किया जाना चाहिए। ऐसे मामले में मरीज के सेल्फ आइसोलेशन की उनके घर पर व्यवस्था होनी चाहिए। ऐसे मरीज जिस कमरे में रहते हों, उसका ऑक्सीजन सैचुरेशन भी 94 फीसदी से ज्यादा होना चाहिए।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।