नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दूसरे समन को भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नजरअंदाज किया है। उनका आरोप है कि उनके प्रतिद्वंद्वियों के इशारे पर उन्हें ये समन जारी किए गए हैं।

नहीं बताई विपश्यना की जगह

केजरीवाल को कथित शराब घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया गया था। मुख्यमंत्री बुधवार को 10 दिन के लिए विपश्यना करने निकल गए हैं लेकिन उन्होंने जगह का नाम नहीं बताया है।

केजरीवाल ने ED को यह भेजा जवाब

उन्होंने अपने जवाब में कहा है कि एजेंसी ने ये नहीं बताया है कि उन्हें बतौर ‘गवाह या संदिग्ध’ या फिर ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री या आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक’ के रूप में बुला रही है।

क़ानूनी रूप से वैध हो समन

मुख्यमंत्री 19 से 30 दिसंबर तक विपश्यना सत्र के लिए रवाना हो गए हैं। उन्‍होंने वित्तीय जांच एजेंसी को अपने जवाब में कहा कि वह सभी कानूनी रूप से वैध समन स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। आप सूत्रों के अनुसार केजरीवाल ने अपने जवाब में कहा कि पिछले समन की तरह यह समन भी अवैध है।

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मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं

सूत्र ने कहा कि उन्होंने समन को राजनीति से प्रेरित करार दिया है और इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अपना जीवन ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ बिताया है। केजरीवाल ने अपने जवाब में यह भी कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।

मुख्यमंत्री को ईडी ने कथित उत्पाद नीति घोटाला मामले में 21 दिसंबर को अपने मुख्यालय में पेश होने के लिए बुलाया था। इससे पहले, केजरीवाल 2 नवंबर को ईडी के समन में शामिल नहीं हुए थे।इस मामले में ईडी पहले ही पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है।