टीआरपी डेस्क। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के 64,000 सफाई कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की और दिल्ली-एनसीआर में पटाखा बैन पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। जब उनसे पटाखा बैन पर सवाल किया गया, तो केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि दीपावली रोशनी और खुशियों का त्योहार है, पटाखों का नहीं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट भी यही बात कह चुके हैं।

हम अपने ऊपर एहसान कर रहे हैं

केजरीवाल ने प्रदूषण के मुद्दे पर कहा कि इस दीपावली हमें दीये और मोमबत्तियां जलाकर त्योहार मनाना चाहिए, न कि पटाखे फोड़कर। उन्होंने कहा कि पटाखे न जलाना किसी पर कोई एहसान नहीं है, बल्कि हम खुद पर ही एहसान कर रहे हैं। प्रदूषण बढ़ेगा, तो इसका असर हम पर और हमारे बच्चों पर ही पड़ेगा। यह हिंदू-मुसलमान का नहीं, बल्कि सभी की सांसों का सवाल है।

धीरेंद्र शास्त्री का बयान

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दीपावली पर पटाखा बैन को लेकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इसे हिंदू त्योहारों पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी ने बकरीद पर इस तरह के सवाल नहीं उठाए। जब भी सनातन धर्म के त्योहार आते हैं, कानून उल्लंघन की बात की जाती है। उन्होंने कहा कि दीपावली पर दीये जलाने को लेकर भी कई लोग सवाल उठाते हैं, लेकिन यह एक अनावश्यक बहस है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अगर दीपावली पर सवाल उठाए जा सकते हैं, तो बकरीद में लाखों बकरों की बलि पर भी सवाल उठना चाहिए और गरीबों की भलाई के लिए इसे रोका जाना चाहिए।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।