टीआरपी डेस्क। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या के मामले में पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। घोष अब वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में भी फंसे हुए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी उनके खिलाफ जांच कर रही है।

घोष के बंगले पर ईडी की छापेमारी

ईडी ने संदीप घोष के आलीशान बंगले की छानबीन शुरू कर दी है। वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के सिलसिले में, घोष के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है।

ईडी के निशाने पर संदीप घोष

इस छापेमारी के दौरान, ईडी अधिकारियों ने संदीप घोष के सहयोगी प्रसून चट्टोपाध्याय को भी हिरासत में लिया है। इससे पहले, 3 सितंबर को सीबीआई ने संदीप घोष और उनके तीन साथियों को सरकारी आरजी कर अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया था।

बंगले की जाँच में नए खुलासे की उम्मीद

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रिपोर्ट्स के अनुसार, संदीप घोष पर आरोप है कि उन्होंने तीन साल पहले दो बीघा के भूखंड पर करोड़ों रुपये का फार्महाउस-कम-बंगला बनाया था, जिसे अब ईडी ने अपनी जांच के घेरे में लिया है। ‘संगीता संदीप विला’ नामक इस बंगले में घोष अक्सर अपने परिवार के साथ आते थे। ईडी को शक है कि घोष के कई अहम दस्तावेज इसी बंगले में छिपे हो सकते हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस बंगले से जुड़े तथ्यों को खंगालने में जुटी हैं, ताकि इस मामले में और भी सबूत जुटाए जा सकें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।