Maharastra Politics: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंस गहराता जा रहा है। महायुति के भीतर सत्ता संतुलन को लेकर खींचतान तेज हो गई है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया कि उन्हें सीएम पद का लालच नहीं है, लेकिन उन्होंने अपनी तीन प्रमुख शर्तों के साथ बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

ठाणे में मीडिया से बातचीत में शिंदे ने कहा, मेरे कार्यकाल में मुझे पीएम मोदी और अमित शाह का पूरा समर्थन मिला। सरकार बनाने में मेरी ओर से कोई रुकावट नहीं होगी। जो भी फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा, मुझे स्वीकार होगा। हालांकि, उन्होंने बीजेपी के सामने तीन शर्तें रखकर सियासी हलचल तेज कर दी।

पहली शर्त: मुख्यमंत्री पद का दावा

शिंदे ने अमित शाह के साथ बैठक में जोर दिया कि विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा गया था, और मराठा, ओबीसी और महिला मतदाताओं ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया। उनका कहना है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, तो इन वर्गों में गलत संदेश जाएगा।

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दूसरी शर्त: अहम मंत्रालयों पर शिवसेना का हक

शिंदे ने कहा कि अगर बीजेपी मुख्यमंत्री पद पर अपने नेता को नियुक्त करती है, तो गृह, वित्त और राजस्व जैसे प्रमुख मंत्रालय शिवसेना को सौंपे जाएं। यह सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है।

तीसरी शर्त: शिवसेना का अलग रुख

शिंदे ने साफ किया कि यदि उनकी पहली दो शर्तें नहीं मानी गईं, तो शिवसेना सरकार का हिस्सा नहीं बनेगी। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी बीजेपी सरकार को बाहर से समर्थन देगी।

दिल्ली बैठक रही बेनतीजा

दिल्ली में अमित शाह, जेपी नड्डा और शिंदे के बीच बैठक में कोई समाधान नहीं निकला। शिंदे ने कई सर्वे भी पेश किए, जिनमें उन्हें जनता की पहली पसंद बताया गया। हालांकि, सत्ता के बंटवारे पर सहमति नहीं बन सकी, जिससे सियासी तनाव और बढ़ गया है।

गांव जाकर बढ़ाया सस्पेंस

दिल्ली से लौटने के बाद शिंदे ने मुंबई की बैठक छोड़कर सतारा स्थित अपने गांव का रुख किया। उनके करीबी बताते हैं कि शिंदे बड़े फैसले लेने से पहले गांव जाकर विचार करते हैं। इससे सियासी अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है।

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महायुति में बढ़ता तनाव

महायुति के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। शिवसेना नेता भरत गोगावले ने फडणवीस के पास गृह विभाग रहने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, यदि शिंदे डिप्टी सीएम होंगे, तो गृह विभाग भी उनके पास होना चाहिए। इससे गठबंधन के भीतर खींचतान स्पष्ट हो गई है।

कौन बनेगा महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री?

महाराष्ट्र की जनता के बीच भी सवाल गूंज रहा है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा—एकनाथ शिंदे या देवेंद्र फडणवीस? अमित शाह ने महायुति नेताओं को जल्द बैठक कर मसले को सुलझाने का निर्देश दिया है। अगले एक-दो दिनों में फैसला आने की उम्मीद है, लेकिन शिंदे की शर्तों और बीजेपी की रणनीति से यह मामला और उलझता नजर आ रहा है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।