Manipur Violence: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर हिंसा मामले में सुनवाई के बाद एक पैनल का गठन किया। इस पैनल में तीन हाईकोर्ट की पूर्व महिला जज को रखा गया है। यह कमेटी राहत कार्यों की अध्यक्षता करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि हिंसा के सभी मामलों की जांच सीबीआई को स्थानांतरित कर दी गई है, लेकिन कानून के शासन में विश्वास सुनिश्चित करने के लिए कम से कम डिप्टी एसपी रैंक के पांच अधिकारी इस जांच की अध्यक्षता करेंगे। ये अधिकारी विभिन्न राज्यों के होंगे। सुप्रीम कोर्ट का इस संबंध में कहना है कि एसआईटी 42 ऐसे मामलों को देखेंगी जो सीबीआई को हस्तांतरित नहीं किए गए हैं।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मणिपुर में हिंसा के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित 12 एफआईआर की जांच सीबीआई करेगी और जांच के दौरान जब भी ऐसे अपराध सामने आएंगे, तो सीबीआई उसकी भी जांच करेगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।