इस इलाके में अब तक नहीं थी मोबाइल सेवा, आजादी के 75 साल मिली सुविधा तो खुशी से झूम उठे लोग
इस इलाके में अब तक नहीं थी मोबाइल सेवा, आजादी के 75 साल मिली सुविधा तो खुशी से झूम उठे लोग

टीआरपी डेस्क। लद्दाख के पैंगॉन्ग झील के आसपास के इलाकों और गांवों को पहली बार मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। दूरदराज के गांवों में पहली बार लोगों ने मोबाइल फोन पर बात की तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

देखें जश्न का माहौल

पैंगॉन्ग झील के इलाके में पहली बार शुरू हुई मोबाइल सेवा

पैंगॉन्ग झील के दूरदराज के गांवों में पहली बार लोगों ने मोबाइल फोन पर बात की तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लद्दाख के पैंगॉन्ग झील के आसपास के इलाकों और गांवों को पहली बार मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। इस बात से लोग इतने खुश हुए कि मौके पर ही नाच-गाकर जश्न मनाना शुरू कर दिया।

आजादी के 75 साल बाद मिली सुविधा

लद्दाख में पैंगॉन्ग झील के आसपास के इलाके में पहली बार लोगों को मोबाइल सेवा मिली है। इसके लिए सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने उन इलाकों में टावर लगाया है। इससे न केवल स्थानीय आबादी को कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी, बल्कि दो सैन्य और अर्धसैनिक अड्डों, थाकुंग और ज्ञान सिंह थापा पोस्ट को भी एक दूसरे से जोड़ दिया है। इस क्षेत्र को 1947 के बाद पहली बार मोबाइल कनेक्टिविटी मिली है। स्थानीय पार्षद कोंचोक स्टैनज़िन ने सेना और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के साथ मिलकर मराक में बीएसएनएल टॉवर का उद्घाटन किया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।