सरकारी स्कूल की बड़ी लापरवाही, मिड डे मिल खाने से 25 बच्चे पड़े बीमार

टीआरपी डेस्क। मिड डे मील का खाना खाने के बाद 25 बच्चों के बीमार होने की घटना सामने आई है। यह मामला आंध्र प्रदेश का है जहां के श्री सत्य साईं जिले के एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील का खाना खाने के बाद 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।

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बता दें कि इससे पहले 25 नवंबर को पटना के सुपौल जिले में एक प्राथमिक विद्यालय चकडुमरिया में मिड डे मील के चावल में छिपकली मिलने का मामला सामने आने से खलबली मच गई थी। खाने में छिपकली के मिलने से बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया था।

मिड डे मील योजना

ज्यादा से ज्यादा संख्या में बच्चे स्कूल पहुंचे इसलिए सरकार ने मिड डे मील योजना की शुरूआत 15 अगस्त, 1995 को की थी। जब ये स्कीम सफल होने लगी तो इसे वर्ष 2004 में पूरे देश के सरकारी स्कूलों में लागू कर दिया गया था। इस समय ये स्कीम पूरे देश के सरकारी स्कूलों में चलाई जा रही है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।