टीआरपी डेस्क। पैगंबर पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर Organization of Islamic Cooperation के बयान की भारत ने कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मामले में ओआईसी के सचिवालय के बयानों पर दो टूक कहा कि उसका एजेंडा विभाजनकारी है।

Organization of Islamic Cooperation के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमने इस संगठन द्वारा भारत को लेकर दिए गए बयान देखे हैं। सरकार ओआईसी सचिवालय के गलत और संकीर्ण बयानों को खारिज करती है। भारत सरकार सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान देती है। कुछ लोगों ने एक धार्मिक व्यक्तित्व को अपमानित करते हुए आपत्तिजनक ट्वीट और बयान दिए थे। ये विवादित बयान भारत सरकार की राय से संबद्ध नहीं हैं। आरोपियों के खिलाफ संबंधित संगठन ने कड़ी कार्रवाई की है।

बागची ने कहा कि ओआईसी सचिवालय ने एक बार फिर प्रेरित, गुमराह करने वाली और शरारती टिप्पणी की, यह दुखद है। यह केवल स्वार्थों के इशारे पर चलाया जा रहा विभाजनकारी एजेंडा है। हम ओआईसी सचिवालय को अपना सांप्रदायिक नजरिए छोड़ने और सभी धर्मों का सम्मान करने की अपील करते हैं।

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बता दें कि कतर, कुवैत व ईरान ने नुपुर शर्मा के बयान पर पहले ही आधिकारिक रूप से आपत्ति प्रकट की थी, लेकिन सोमवार को इसमें सऊदी अरब भी शामिल हो गया। उसने आधिकारिक बयान जारी कर आपत्ति प्रकट की।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।