संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन भारी हंगामे और स्थगन के बीच विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया
संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन भारी हंगामे और स्थगन के बीच विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया

Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को भारी हंगामे और नारेबाजी के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा। विपक्ष लगातार नीट मुद्दे, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और अन्य ज्वलंत विषयों पर चर्चा की मांग कर रहा है। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन के कारण सदन का माहौल गरमा गया, जिससे कामकाज सुचारू रूप से नहीं चल सका।

घटनाक्रम और विरोध प्रदर्शन

संसद भवन पहुंचने से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में एक अहम रणनीति बैठक की, जिसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के नेता शामिल हुए। इससे पहले विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हिस्सा लिया। विपक्ष का आरोप है कि हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान सुरक्षा बलों ने सांसदों और छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार किया है।

लोकसभा में तीखी बहस और स्थगन

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अखिलेश यादव ने छात्रों के साथ हुए बर्ताव का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा और तुरंत चर्चा की मांग की। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, ऐसे में प्रश्नकाल के दौरान हंगामा करना उचित नहीं है। व्यवस्था न बनने पर सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे और फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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राज्यसभा का हाल और दस्तावेज पटल पर

राज्यसभा में कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल चलाने का आग्रह किया, लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। स्थगन से पहले विभिन्न मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़े जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे।

सरकार और विपक्ष का रुख
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार नीट पेपर लीक और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर नियम के तहत चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा की अवधि और नियम सभी दलों के नेताओं की सहमति से तय होने चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

प्रभाव और आगे की संभावनाएं

संसद में जारी इस लगातार हंगामे और बार-बार के स्थगन का असर विधाई कार्यों और महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने पर पड़ रहा है। यदि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जल्द ही किसी आम सहमति पर मुहर नहीं लगती है, तो सत्र के आगामी दिनों में भी गतिरोध बने रहने की पूरी संभावना है।
फिलहाल दोनों सदनों में राजनीतिक सरगर्मी तेज बनी हुई है और सत्र की अगली कार्यवाहियों के दौरान हंगामे के आसार हैं। इस मामले से जुड़ी हर नई अपडेट और राजनीतिक घटनाक्रम पर हमारी नजर बनी रहेगी।

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FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन मुख्य विवाद का क्या कारण था?
उत्तर: विपक्ष नीट पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और अन्य समसामयिक मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा था, जिसके चलते दोनों सदनों में हंगामा हुआ।

Q2. लोकसभा में किन नेताओं के बीच तीखी बहस हुई?
उत्तर: लोकसभा की कार्यवाही के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच तीखी बहस हुई।

Q3. सरकार ने नीट मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
उत्तर: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि सरकार नियमों के तहत और सभी दलों की सहमति से नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

Q4. राज्यसभा की कार्यवाही क्यों स्थगित करनी पड़ी?
उत्तर: विपक्षी सांसदों द्वारा अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी और हंगामा करने के कारण सभापति को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

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Q5. संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने किस तरह विरोध दर्ज कराया?
उत्तर: विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया और छात्रों के समर्थन में नारेबाजी की।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।