टीआरपी डेस्क। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अखबार या कागज में समोसे या पोहा परोसने पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में भोपाल कलेक्टर ने आदेश भी जारी किए हैं। दुकानदार इसका पालन नहीं करते हैं तो उनपर दो लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

दरअसल भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया के निर्देश पर ईट राइट चैलेंज-2 के तहत खाद्या सुरक्षा प्रशासन ने दो नवाचार कार्यक्रम की शुरुआत की है। लोगों की सेहत का ध्यान रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। मिली जानकारी के अनुसार लोगों को जारूक करने के लिए शहर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। होटलों में पैंपलेट लगाए जाएंगे साथ ही दुकानदारों से इसके लिए शपथ-पत्र भी भरवाया जाएगा। कलेक्टर ने इसे ‘अखबार में खाने को बोलिए ना’ कैम्पेन के तौर लॉन्च किया है।

शहर के लोगों को इसके लिए जारूक किया जाएगा कि अखबार या कागज पर कुछ खाना सेहत के लिये बेहद घातक है। अखबार प्रिंट करने के लिए जो स्याही इस्तेमाल में लाई जाती है उसमें लेड समेत कई खतरनाक रसायन होते हैं। जो तेल या खाने के संपर्क में आकर हमारे पेट में जाकर नुकासन पहुंचाते हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।