प्रशांत किशोर

टीआरपी डेस्क। राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के चिंतन शिविर को नाकाम बता दिया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि मेरे विचार से, यह यथास्थिति को और लंबा खींचने और कांग्रेस नेतृत्व को कुछ समय देने के अलावा कुछ भी सार्थक चीज हासिल कर पाने में नाकाम रहा, कम से कम गुजरात और हिमाचल प्रदेश में आसन्न चुनावी हार तक!

प्रशांत किशोर का कहना है कि कांग्रेस गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव हार सकती है। बता दें कि इन दोनों ही राज्यों में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

आपको बता दें कि कांग्रेस में नई जान फूंकने के लिए हाल में किशोर को कांग्रेस में शामिल किए जाने का प्रस्ताव था, लेकिन यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। गौरतलब है कि आई-पैक के संस्थापक, 2014 में नरेंद्र मोदी के सफल चुनाव अभियान का प्रबंधन करने के बाद मशहूर हुए थे। उन्होंने 2017 में उत्तर प्रदेश और पंजाब में कांग्रेस के लिए काम किया था। पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में किशोर ने तृणमूल कांग्रेस को अपनी सेवा दी थी।

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इस चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शानदार जीत हासिल की. उन्होंने बिहार में 2015 में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के महागठबंधन के लिए अपनी सेवा दी थी, जिसने विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी. महागठबंधन में कांग्रेस भी शामिल थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।