बेंगलुरु । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तेजस विमान में उड़ान भी भरी। इस लड़ाकू विमान की ताकत को अमेरिका जैसे ताकतवर देश ने भी सराहा है। इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में हल्के लड़ाकू विमान को शामिल करने की तैयारी साल 1983 से शुरू हो गई थी। 21 साल की मेहनत आखिरकार रंग लाई और साल 2001 में स्वदेश में बने हल्के लड़ाकू विमान ने पहली बार उड़ान भरी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को बेंगलुरु में युद्धक विमान तेजस जेट की सुविधा सहित उसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की समीक्षा करने पहुंचे थे। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने 615 एकड़ में फैले परिसर में बनाया है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने 45 मिनट तक तेजस में उड़ान भरी। पीएम मोदी सहायक पायलट की सीट पर पायलट के ठीक पीछे बैठे थे। इसी सीट पर बैठा पायलट दुश्मनों को तबाह करने का काम करता है।

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इस दौरान पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर तस्वीरे साझा करते हुए लिखा कि “मैं आज तेजस में उड़ान भरते हुए अत्यंत गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारी मेहनत और लगन के कारण हम आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में विश्व में किसी से कम नहीं हैं।