Private photo blackmail cyber crime complaint in India
प्राइवेट फोटो लीक करने की धमकी मिलने पर सबूत सुरक्षित कर साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।

Private Photo Leak Threat: अगर कोई व्यक्ति आपकी प्राइवेट फोटो या वीडियो इंटरनेट पर लीक करने की धमकी दे रहा है, उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने की बात कह रहा है या इसके बदले पैसे मांग रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले सबूत सुरक्षित करें और फिर National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें।

अगर मामले में पैसे की ठगी या जबरन पैसे ट्रांसफर कराने की घटना भी हो चुकी है, तो 1930 पर तुरंत संपर्क करना चाहिए। सरकार का साइबर क्राइम पोर्टल ऑनलाइन अपराधों की शिकायत दर्ज करने के लिए बनाया गया है और इसमें महिलाओं व बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों पर विशेष फोकस है।

कहां करें शिकायत?

भारत में प्राइवेट फोटो लीक करने की धमकी, ऑनलाइन ब्लैकमेल, साइबर स्टॉकिंग या सोशल मीडिया से जुड़े ऐसे मामलों की शिकायत National Cyber Crime पर की जा सकती है। पोर्टल पर शिकायत संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसी या पुलिस को भेजी जाती है। शिकायत करते समय सही और पूरी जानकारी देना जरूरी है, ताकि मामले पर कार्रवाई की जा सके।

ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें?

Step 1: पोर्टल खोलें

सबसे पहले cybercrime.gov.in खोलें और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने वाले विकल्प पर जाएं।

Step 2: सही कैटेगरी चुनें

प्राइवेट फोटो लीक करने की धमकी या सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल के मामले में शिकायत को साइबर अपराध की उपयुक्त कैटेगरी में दर्ज करना होगा। सरकार के Citizen Manual में Online and Social Media Related Crime के तहत Cyber Bullying, Stalking, Sexting और अन्य संबंधित अपराधों की कैटेगरी दी गई हैं। अगर मामला किसी दूसरी तरह के साइबर अपराध से जुड़ा है, तो पोर्टल पर उपलब्ध संबंधित कैटेगरी का चयन किया जा सकता है।

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Step 3: घटना की पूरी जानकारी दें

शिकायत में यह स्पष्ट लिखें कि आरोपी ने कब और किस माध्यम से संपर्क किया, किस तरह की धमकी दी और क्या मांग की।

इन जानकारियों को जरूर सुरक्षित रखें

  • आरोपी का मोबाइल नंबर
  • WhatsApp नंबर
  • सोशल मीडिया यूजरनेम
  • प्रोफाइल लिंक
  • ईमेल आईडी
  • धमकी वाले मैसेज
  • फोटो या वीडियो शेयर करने की धमकी
  • पैसे मांगे गए हों तो उसकी जानकारी
  • बैंक अकाउंट, UPI ID या पेमेंट लिंक
  • घटना की तारीख और समय

सरकारी पोर्टल पर suspect identifier के रूप में WhatsApp नंबर, Telegram handle, फोन नंबर, ईमेल आईडी, सोशल मीडिया URL और अन्य जानकारी भी रिपोर्ट करने की सुविधा है।

चैट और स्क्रीनशॉट डिलीट न करें

शिकायत करने से पहले धमकी देने वाले व्यक्ति की चैट या मैसेज डिलीट न करें। स्क्रीनशॉट लेकर सुरक्षित रखें। स्क्रीनशॉट में फोन नंबर, यूजरनेम, तारीख, समय और धमकी वाला मैसेज स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। अगर आरोपी ने पैसे मांगे हैं तो पेमेंट की मांग और संबंधित बैंक या UPI जानकारी का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखें।

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अगर पैसे ट्रांसफर किए हैं तो 1930 पर करें कॉल

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। 1930 National Cyber Crime Helpline ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग के लिए है। अगर ब्लैकमेलर को पैसे भेज दिए गए हैं या किसी साइबर फ्रॉड में पैसा खाते से निकल गया है, तो 1930 पर तुरंत संपर्क करें और National Cyber Crime Reporting Portal पर भी शिकायत दर्ज करें। वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत में बैंक या वॉलेट की जानकारी, ट्रांजैक्शन आईडी, ट्रांजैक्शन की तारीख और उपलब्ध स्क्रीनशॉट जैसी जानकारी मांगी जा सकती है।

अगर आरोपी सिर्फ धमकी दे रहा है

ऐसी स्थिति में भी इंतजार करने की जरूरत नहीं है। फोटो लीक होने का इंतजार किए बिना धमकी, चैट, प्रोफाइल और आरोपी की पहचान से जुड़ी जानकारी सुरक्षित करके साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है। सरकारी पोर्टल पर suspect identifiers को अलग से रिपोर्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसमें WhatsApp नंबर, Telegram handle, फोन नंबर, ईमेल आईडी और सोशल मीडिया URL जैसी जानकारी शामिल है।

पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में भी कर सकते हैं शिकायत

ऑनलाइन शिकायत के अलावा नजदीकी पुलिस स्टेशन या संबंधित साइबर क्राइम सेल में भी शिकायत की जा सकती है। National Cyber Crime Reporting Portal खुद भी कहता है कि गैर-साइबर अपराध या आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस से संपर्क किया जाए। राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन 112 है। अगर तत्काल शारीरिक खतरा है, तो ऑनलाइन शिकायत का इंतजार न करें और पुलिस से सीधे संपर्क करें।

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कानूनी सलाह चाहिए तो क्या करें?

अगर पीड़ित को FIR, कानूनी कार्रवाई या अपने अधिकारों को लेकर सलाह चाहिए, तो सरकारी Tele-Law सेवा के जरिए प्री-लिटिगेशन कानूनी सलाह ली जा सकती है। कानून मंत्रालय के अनुसार Tele-Law सेवा Common Service Centres, मोबाइल ऐप और 14454 टोल-फ्री नंबर के जरिए उपलब्ध है। पात्र लोगों को पैनल वकीलों से कानूनी सलाह दिलाने की व्यवस्था भी है।

ब्लैकमेलर को पैसे या नई फोटो न भेजें

ब्लैकमेलर के दबाव में आकर पैसे देना या नई फोटो-वीडियो भेजना समाधान नहीं है। सबसे पहले सबूत सुरक्षित करें। उसके बाद साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें। अगर पैसे ट्रांसफर हो चुके हैं तो 1930 पर तुरंत संपर्क करें। फोटो ऑनलाइन आ चुकी है तो संबंधित प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करने के साथ StopNCII जैसे उपलब्ध टूल का इस्तेमाल करें। पीड़ित को शर्म या डर के कारण शिकायत टालनी नहीं चाहिए। ऐसी घटना में गलती पीड़ित की नहीं है और समय पर रिपोर्ट करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।