टीआरपी डेस्क। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया है। ये नोटिस कांग्रेस महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने एनसीईआरटी की किताबों से प्रस्तावना हटाने के मुद्दे पर दिया है।

जयराम ने प्रधान पर राज्यसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता ने नोटिस में कहा, मैं राज्यसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के नियम 187 के तहत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ सदन को गुमराह करने का नोटिस देता हूं।

मल्लिकार्जुन खरगे ने उठाया था मुद्दा

जयराम रमेश ने बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने प्रस्तावना को हटाने का मामला उठाया था। मामले में शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि हाल ही में कक्षा 6 की नई किताबों में भी प्रस्तावना है।

जयराम ने नोटिस में संलग्न की पुस्तकें

कांग्रेस सांसद जयराम ने कहा कि विपक्ष के नेता के जवाब में प्रधान द्वारा दिया गया बयान तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है। उन्होंने नोटिस में कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है। अपने तर्क के समर्थन में जयराम ने कक्षा 3 की पाठ्यपुस्तक ‘लुकिंग अराउंड’ (पर्यावरण अध्ययन) नवंबर 2022 संस्करण, हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘रिमझिम-3’ नवंबर 2022 संस्करण और कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक ‘हनीसकल’ दिसंबर 2022 संस्करण की प्रतियां संलग्न भी की।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।