लोकसभा में प्रियंका गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पैलेट गन के कथित इस्तेमाल पर सरकार से तीखे सवाल किए
लोकसभा में प्रियंका गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पैलेट गन के कथित इस्तेमाल पर सरकार से तीखे सवाल किए

Priyanka Gandhi : लोकसभा में मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान संसद में जबरदस्त राजनीतिक गर्माहट देखने को मिली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली के केंद्रीकरण को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया।

“क्या छात्रों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार हो रहा है?”

प्रियंका गांधी ने प्रदर्शनकारी युवाओं पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोलों और कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि:”बच्चों और छात्राओं पर लाठियां व पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? क्या यह आदेश गृह मंत्री या प्रधानमंत्री की ओर से आया था? देश के युवा, माता-पिता और शिक्षक जवाब मांग रहे हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।”

नए शिक्षा मंत्री पर टिप्पणी और संसद में भारी हंगामा

प्रियंका गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नए शिक्षा मंत्री के चयन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि नए शिक्षा मंत्री ने अतीत में एक गंभीर मामले के दोषियों की रिहाई पर सहमति जताई थी।

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इस टिप्पणी पर सत्तापक्ष के सांसदों ने कड़ा एतराज जताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और प्रह्लाद जोशी ने इसे चरित्र हनन बताते हुए बयान को रिकॉर्ड से हटाने और माफी की मांग की। बहस के बीच प्रियंका गांधी ने एक समाचार पत्र की प्रति सदन के पटल पर रखते हुए अपने बयान का बचाव किया।

“कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलना होगा”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की प्राथमिकताओं पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि एनटीए (NTA) बनाकर परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण कर दिया गया है और शिक्षा बजट को लगातार घटाया जा रहा है।उन्होंने तंज कसते हुए कहा: “जेन-जी (Gen-Z) का भरोसा जीतने के लिए नए-नए एंगल के वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री जी को कैमरे का नहीं, बल्कि अपने दिल का एंगल बदलना पड़ेगा।”

“पुलिस की लाठी बच्चों की पीठ पर नहीं, बल्कि सरकार की साख पर पड़ी है। यदि देश के नौजवानों के सपने चुराए गए और उनकी उम्मीद टूटी, तो यह पूरे भारत की हार होगी।”

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(FAQs)

प्र.1: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने किस विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार पर निशाना साधा?

उ: प्रियंका गांधी ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान सरकार को घेरा।

प्र.2: जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन को लेकर प्रियंका गांधी ने क्या प्रमुख सवाल उठाए?

उ: उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ने और कथित तौर पर पैलेट गन चलाने के आदेश पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जवाब मांगा।

प्र.3: प्रियंका गांधी की किस टिप्पणी पर संसद में सत्तापक्ष ने जोरदार विरोध किया?

उ: नए शिक्षा मंत्री के अतीत के एक निर्णय से जुड़े आरोपों पर सत्तापक्ष ने तीखी आपत्ति जताई और इसे ‘चरित्र हनन’ बताते हुए बयान वापस लेने व रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।

प्र.4: सत्तापक्ष के विरोध पर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया दी गई?

उ: प्रियंका गांधी ने अपने बयान के समर्थन में समाचार पत्र की प्रति सदन में रखी, वहीं कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पूर्ववर्ती चर्चाओं का हवाला देकर विपक्ष का पक्ष रखा।

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प्र.5: ‘कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें’ वाले तंज के जरिए प्रियंका गांधी ने क्या संदेश दिया?

उ: उन्होंने संदेश दिया कि युवाओं और छात्रों का भरोसा सिर्फ वीडियो/प्रचार (पब्लिसिटी) से नहीं जीता जा सकता, बल्कि सरकार को अपनी नीतियों और नीयत में बदलाव लाकर जिम्मेदारी लेनी होगी।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।