टीआरपी। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानराशि में कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते जांच की समय-सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सोमवार को प्रदेश सरकार को सौंपने के साथ ही नए तथ्यों की कड़ियों को जोड़ने के लिए अतिरिक्त समय की मांग कर सकती है।

अयोध्या राम मंदिर देश और छत्तीसगढ़ के करोड़ों नागरिकों की अगाध आस्था और गरिमा का केंद्र है। मंदिर के चढ़ावे और ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हो रही यह जांच हर उस नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है जिसने इस पावन कार्य में अपनी गाढ़ी कमाई दान की है, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।

वित्तीय गबन की कड़ियां और बड़े चेहरों पर कसता शिकंजा

प्रदेश सरकार ने शुरुआत में SIT को केवल 15 दिनों का समय दिया था, जिसमें पहले 7 दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम निष्कर्ष सौंपना शामिल था। हालांकि, जांच के दौरान भारी मात्रा में वित्तीय अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज, नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज और मंदिर प्रबंधन के कई संवेदनशील बिंदु सामने आने के बाद जांच का दायरा अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। शुरुआती छह दिनों में जांच टीम ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और कई संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की है।

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इस पूरे मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई की सुगबुगाहट पांच प्रमुख लोगों पर FIR दर्ज करने को लेकर है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी माने जाने वाले टिन्नू यादव, लवकुश और अनुकल्प समेत पांच लोगों के ठिकानों से नकदी बरामद हुई है। इन सभी से एसआईटी ने पहले चरण में 20 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की है, जिसमें ये गोलमोल जवाब देकर बुरी तरह घिर चुके हैं। इसके साथ ही वर्ष 2022 से निर्माण सहायक के रूप में कार्यरत गोपाल राव को हटाना तय माना जा रहा है, जबकि विवाद बढ़ता देख महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र भी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर आगामी कुछ महीनों में खुद को व्यवस्थाओं से अलग कर सकते हैं।

जांच का समय: शासन द्वारा SIT को प्रारंभिक जांच के लिए 15 दिन का समय दिया गया था, जिसकी अवधि अब बढ़ने की प्रबल संभावना है।

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FIR की तैयारी: जांच में घिरे टिन्नू यादव, लवकुश और अनुकल्प समेत कुल 5 संदिग्धों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

पूछताछ का ब्योरा: पहले चरण में मुख्य संदिग्धों से 20 घंटे से अधिक समय तक सघन पूछताछ की जा चुकी है।

प्रशासकीय फेरबदल: साल 2022 से कार्यरत निर्माण सहायक गोपाल राव की छुट्टी होना तय।

सोमवार को एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट शासन स्तर पर प्रस्तुत की जाएगी। इस रिपोर्ट की उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री और गृह विभाग के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाएगी और मंदिर की वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नए कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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