टीआरपी डेस्क। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन तथा कार्मिक मंत्रालयों के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय उन प्रमुख कार्यालयों में शामिल हैं जहां आरटीआई (सूचना का अधिकार) संबंधी आवेदनों के लंबित मामलों में 70 प्रतिशत तक कमी आई है। एक स्वैच्छिक समूह द्वारा केंद्रीय सूचना आयोग की 2021-22 की सालाना रिपोर्ट के विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई है।

राष्ट्रमंडल मानवाधिकार पहल (सीएचआरआई) की रिपोर्ट के अनुसार अन्य सरकारी विभागों में, अंतरिक्ष विभाग में 2020-21 की अपेक्षा 2021-22 में लंबित आरटीआई आवेदनों की संख्या में 55.51 प्रतिशत की कमी आई है। यह रिपोर्ट पीटीआई के पास है।

खान मंत्रालय में लंबित आरटीआई आवेदनों की संख्या में 48.79 प्रतिशत की कमी आई जबकि कपड़ा मंत्रालय में ऐसे आवेदनों में 42.29 प्रतिशत की कमी आई। वहीं वाणिज्य एवं उद्योग और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालयों में क्रमशः 32.99 प्रतिशत और 30.88 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

रिपोर्ट के अनुसार केंद्रशासित प्रदेशों में, अंडमान एवं निकोबार में लंबित आरटीआई आवेदनों में लगभग 87 प्रतिशत की कमी आई जबकि दिल्ली में 10.25 प्रतिशत की कमी आई। सीएचआरआई ने 2020-21 की शुरुआत में लंबित मामलों की तुलना 2021-22 की शुरुआत में लंबित आवेदनों से की।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने आकलन वर्ष 2021-22 (केंद्रशासित प्रदेशों के मामलों सहित) की शुरुआत में 4.10 लाख आरटीआई आवेदनों के लंबित रहने की जानकारी दी। 2020-21 की शुरुआत में लंबित आरटीआई मामलों की संख्या 3.48 लाख थी।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के लंबित मामलों की संख्या में 82.68 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि कार्मिक मंत्रालय में 80.55 प्रतिशत और प्रधानमंत्री कार्यालय में 73.48 प्रतिशत की कमी आई।

वर्ष 2020-21 के आंकड़ों की तुलना में 2021-22 की शुरुआत में केंद्रीय सूचना आयोग के स्वयं के लंबित आवेदनों में 290.70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि इस दौरान नीति आयोग के पास लंबित मामलों में 325 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।