Comedian Samay Raina and Ranveer Allahbadia Face Supreme Court Action
The Supreme Court imposed a fine of 3 lakh rupees each on Samay Raina and Ranveer Allahbadia.

Samay Raina Controversy : मशहूर कॉमेडियन समय रैना और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया की मुश्किलें बहुत बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को उनके खिलाफ चल रहे मामले की अहम सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने दोनों को पिछले आदेश का पालन न करने पर कड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा दिया है।

कोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि यदि यह रकम तुरंत जमा नहीं की गई, तो उनके खिलाफ आगे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा मामला पिछले साल अगस्त में शुरू हुआ था। उस समय दोनों पर विकलांगता और दुर्लभ आनुवंशिक विकारों से पीड़ित लोगों का मजाक उड़ाने का आरोप लगा था।

खुद को यूथ आइकॉन कहने वालों पर कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों की हरकतों पर बेहद सख्त टिप्पणी की है। बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये लोग खुद को ‘यूथ आइकॉन’ कहते हैं। अदालत को यह सोचकर ही घबराहट होती है कि ये किस तरह के युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। कोर्ट ने माना कि कॉमेडियन समय रैना ने अदालत को पूरी तरह गुमराह किया है। उन्होंने शीर्ष अदालत के पुराने आदेशों का खुलेआम उल्लंघन भी किया है।

सुनवाई के दौरान बेंच ने नोट किया कि रैना ने पहले दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया। अदालत के सामने भरोसा दिलाने के बाद भी उनका व्यवहार रिकॉर्ड पर दर्ज वादों के मुताबिक नहीं था। यही वजह है कि कोर्ट ने इस बार उनके प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई।

पीड़ित परिवारों से नहीं किया कोई संपर्क

वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय रैना लगातार अपने नए शो कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी एसएमए फाउंडेशन या पीड़ित लोगों से कोई संपर्क नहीं किया है। उन्होंने पीड़ितों से मिलकर अपनी गलती सुधारने का कोई प्रयास नहीं किया।

इस पर अदालत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में दूसरों को सम्मान देने से ही सम्मान मिलता है। कोर्ट अब तक इन युवाओं को लगातार छूट देती आ रही थी। अदालत ने सोचा था कि ये सम्मानित परिवारों के युवा हैं, लेकिन लोगों को नीचा दिखाना अब इनके लिए एक फैशन बन गया है।

वकील की सफाई और मामले का पूरा बैकग्राउंड

कॉमेडियन के वकील ने अदालत में अपने मुवक्किलों का बचाव करने की कोशिश की। उन्होंने दलील दी कि फाउंडेशन से संपर्क न करना किसी अहंकार की वजह से नहीं हुआ है। उन्होंने भरोसा दिया कि कोर्ट के अधिकारियों के तौर पर वे अपने क्लाइंट्स को सही ढंग से समझाने का प्रयास करेंगे।

दरअसल पिछले साल अगस्त में अदालत ने समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में विकलांगों का मजाक उड़ाने पर बिना शर्त माफी मांगने को कहा था। कोर्ट ने तब चेतावनी दी थी कि ऐसी हरकतें सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत दंडनीय हैं। अदालत ने उन्हें अपने पॉडकास्ट पर जाकर माफी मांगने और हर्जाना तय करने का निर्देश दिया था, जिसका पालन नहीं किया गया।

FAQs

  1. सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया पर कितना जुर्माना लगाया है?

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश का उल्लंघन करने पर दोनों पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

  1. यह पूरा मामला किस वजह से शुरू हुआ था?

यह मामला विकलांगता और दुर्लभ आनुवंशिक विकारों से पीड़ित लोगों का मजाक उड़ाने के कारण शुरू हुआ था।

  1. कोर्ट ने समय रैना को लेकर क्या तल्ख टिप्पणी की?

कोर्ट ने कहा कि समय रैना ने अदालत को गुमराह किया और आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है।

  1. वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने अदालत में क्या आरोप लगाया?

उन्होंने आरोप लगाया कि रैना शो कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने पीड़ित फाउंडेशन से संपर्क नहीं किया।

  1. पिछले साल अगस्त में अदालत ने क्या निर्देश दिया था?

अदालत ने दोनों को अपने पॉडकास्ट पर जाकर बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया था।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।