टीआरपी डेस्क। शरद पवार (Sharad Pawar) राजनीति का चाणक्य माना जाता है। मगर इन दिनों इनकी सियासी चाल विपक्षी नेताओं की समझ से परे है। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं है कि आखिर शरद पवार के दिमाग में क्या खिचड़ी पक रही है।

दो दिन में दिखे दो अंदाज

1 अगस्त (मोदी के साथ): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अगस्त को पुणे के दौरे पर थे। यहां शरद पवार उनके साथ मंच पर नजर आए। वे न केवल नजर आए, बल्कि जब पीएम मोदी से मिले, तो उनकी पीठ भी थपथपाई। इस दौरान दोनों के बीच कुछ बातें भी हुईं। बता दें कि इस अवसर पर पीएम मोदी को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया था।

2 अगस्त (विपक्ष की प्रेस कॉन्फ्रेंस से गायब): अगले ही दिन शरद पवार दिल्ली में थे। यहां विपक्षी दलों के तमाम बड़े नेता राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे थे। शरद पवार के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, AAP नेता संजय सिंह, सपा नेता रामगोपाल यादव समेत आईएनडीआईए के कई नेता मौजूद थे।

इन नेताओं ने मणिपुर मुद्दे पर जब राष्ट्रपति से मुलाकात की, तब तो शरद पवार साथ थे। सभी की तस्वीरें भी सामने आईं, लेकिन जब प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई और खरगे ने पूरी जानकारी दी, तब पवार गायब थे। ऐसे में सियासी हलके में कई सवाल उठने लगे हैं कि क्या पवार के दिमाग में कुछ और चल रहा है। ऐसी भी कयास लगाई जा रही है कि शरद पवार लोकसभा चुनाव से पहले वे सबको हैरान करने वाला फैसला सुना सकते हैं।

क्यों है शरद पवार पर शक

हाल के दिनों में कुछ ऐसी राजनीतिक घटनाएं हुई हैं जिससे शरद पवार को लेकर आशंका का माहौल है। हाल ही में महाराष्ट्र में एनसीपी में बड़ी फूट पड़ी और भतीजे अजित पवार ने सत्ता पक्ष का दामन थाम लिया, मगर इस संबंध में अब तक पवार ने कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि कहीं यह सब पवार साहब के इशारों पर ही तो नहीं हुआ।

इससे पहले भी राहुल गांधी ने वीर सावरकर का मुद्दा उठाया, तो भी पवार ने सावरकर की आलोचना नहीं करने की सलाह दी थी। इसी तरह उद्योगपति गौतम अडानी के मुद्दे पर शरद पवार की राय कांग्रेस से अलग रही। राहुल गांधी इसे भी बड़ा मुद्दा बनाना चाहते थे, लेकिन पवार ने समर्थन नहीं दिया था।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।