Swami Avimukteshwaranand reacting to sexual harassment allegations.

टीआरपी। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों और कोर्ट द्वारा FIR दर्ज करने के आदेश पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। शंकराचार्य ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज कराया गया है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।

छत्तीसगढ़ सहित देशभर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लाखों अनुयायी हैं। उनके खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने के आदेश के बाद अनुयायियों में भारी बेचैनी थी। शंकराचार्य के इस स्पष्टीकरण से अब कानूनी और सामाजिक बहस एक नए मोड़ पर पहुंच गई है।

प्रयागराज की एडीजे पॉक्सो स्पेशल कोर्ट द्वारा झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन यह शिकायत पूरी तरह द्वेषपूर्ण भावना से प्रेरित है। गौरतलब है कि आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने शंकराचार्य और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

शंकराचार्य पक्ष का तर्क है कि यह उन्हें और उनके पद को अपमानित करने का प्रयास है। वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस को इस हाई-प्रोफाइल मामले की विवेचना करनी होगी, जिसमें साक्ष्यों और बयानों की भूमिका सबसे अहम होगी।

  • आरोप: धारा पॉक्सो (POCSO) और यौन शोषण के तहत शिकायत।
  • शंकराचार्य का पक्ष: केस को ‘फर्जी’ और ‘षड्यंत्र’ करार दिया।
  • न्यायालय का आदेश: प्रयागराज एडीजे कोर्ट ने पुलिस को FIR के निर्देश दिए।
  • अगली कार्रवाई: झूंसी थाना पुलिस अब मामले में केस डायरी तैयार करेगी।

पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज होने के बाद शंकराचार्य पक्ष इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दे सकता है या अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न मठों और आश्रमों में भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में यह कानूनी लड़ाई और लंबी खिंच सकती है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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