टीआरपी डेस्क। मणिपुर में हिंसा काफी बढ़ गई है, हर तरफ आगजनी और तोड़फोड़ के कारण राज्य की स्थिति बेकाबू हो गई है। ऐसे में सरकार ने हर तरफ सेना की तैनाती बढ़ा दी है। हिंसा के कारण लगभग 9,000 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।

बहुत सोच-विचार करने के बाद बीजेपी की नेतृत्व वाली मणिपुर सरकार ने पुलिस को ‘शूट एट साइट’ का ऑर्डर दिया है। आपको बता दें, यह ऑर्डर बहुत ही संवेदनशील परिस्थितियों में दिया जाता है। इस का अर्थ है कि यदि प्रशासन को कही भी कोई शरारती तत्व नजर आता है तो, वो उसे वहीं गोली मार सकते हैं।

क्या है शूट एट साइट ऑर्डर?

शूट एट साइट आदेश भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 144 के तहत राज्य सरकार द्वारा अमल में लाया जाता है। जब किसी क्षेत्र में हिंसा बढ़ जाती है और स्थिति संवेदनशील हो जाती है, तो ऐसी परिस्थिति में सरकार द्वारा प्रशासन को यह ऑर्डर दिया जाता है। इस ऑर्डर को भड़की हिंसा को रोकने और उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए जारी किया जाता है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।