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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल को बड़ी सौगात देते हुए  30 दिसंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रैन को हरी झंडी दिखाई थी। ट्रैन की शुरुआत के बाद कुछ लोगों द्वारा विरोधस्वरूप इस पर पत्थरबाजी की गई। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रैन पर पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रेलवे द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया।  रेलवे ने वंदेभारत एक्सप्रेस के पत्थरबाजों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है। रेलवे के अनुसार हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत ट्रेन के रेक में लगे सीसीटीवी कैमरे द्वारा लिए गए वीडियो फुटेज और तस्वीरों के आधार पर ये पहचान की गई है। हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी जाने के रास्ते में मालदा के करीब वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना के आरोपी की पहचान हो गई है। इसके बाद अब रेलवे सुरक्षा बल ने राज्य जीआरपी के साथ मिलकर धर पकड़ की करवाई शुरू कर दी है। रेलवे अपराधियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करने का दबाव बनायेगा।

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दरअसल पश्चिम बंगाल में लगातार दो बार वंदे भारत सेमी हाई-स्पीड ट्रेन पर पथराव की घटना हो चुकी है। पहली बार सोमवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में कुमारगंज स्टेशन के पास ये घटना हुई। जबकि मंगलवार को वंदे भारत ट्रेन हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी की तरफ जा रही थी तो दार्जीलिंग जिले में पथराव किया गया। इन मामलों में रेलवे अधिनियम की धारा 154 के तहत आरपीएफ चौकी/एनजेपी में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी।  फिलहाल आरपीएफ ने इस तरह के खतरों को रोकने लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है, रेलवे के अनुसार रेलवे संपत्ति को इस तरह के नुकसान के किसी भी इरादे का पता लगाने के लिए सभी रेलवे स्टेशनों पर कड़ी निगरानी रख रहा है।