टीआरपी डेस्क। सुप्रीम कोर्ट में अब दो नए जज शामिल होंगे। पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली और बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे की नियुक्ति पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में गुजरात मूल के जजों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी।

यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने की थी। केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश के 48 घंटे के भीतर आदेश जारी कर दिया।

कॉलेजियम की पांच सदस्यीय बैठक में चार जजों ने नियुक्ति के पक्ष में मत दिया, जबकि जस्टिस बीवी नागरत्ना ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि पहले ही सुप्रीम कोर्ट में गुजरात से दो जज हैं, ऐसे में तीसरे जज की नियुक्ति से क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम न्यायिक प्रशासन पर नकारात्मक असर डाल सकता है और कॉलेजियम प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करेगा।

नागरत्ना ने यह भी जोड़ा कि अगर जस्टिस पंचोली सुप्रीम कोर्ट में शामिल होते हैं तो 2031 में वे मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में होंगे। बता दें कि विपुल मनुभाई पंचोली ने 1991 में गुजरात हाईकोर्ट में वकालत से करियर शुरू किया। लंबे समय तक वे वहां सरकारी वकील रहे। 24 जुलाई 2023 को उन्हें पटना हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया और उसी साल 21 जुलाई को वे मुख्य न्यायाधीश बने।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।