टीआरपी डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने संदेशखाली मामले में सीबीआई जांच के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो संदेशखाली के कद्दावर नेता शाहजहां शेख और उनके करीबियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपों की जांच जारी रखेगी।

आज जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने ममता बनर्जी सरकार से यह भी जानना चाहा कि राज्य एक व्यक्ति की सुरक्षा में इतनी रुचि क्यों ले रहा है?

बताते चले कि फरवरी में बंगाल पुलिस के साथ नाटकीय झड़प के बाद सीबीआई ने शाहजहां को गिरफ्तार किया था। एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस ने उसे 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने अप्रैल में शाहजहां और उसके करीबियों के खिलाफ 42 मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी है। इस दौरान कोर्ट ने माना कि यह मामला जटिल है और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।

ममता बनर्जी सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी,
मगर ईज उनकी याचिका खारिज कर दी और हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट की टिप्पणी से सीबीआई जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

बता दें कि सीबीआई शाहजहां के समर्थकों द्वारा ईडी की टीम पर किए गए हमले की भी जांच कर रही है, जो शाहजहां पर छापा मारने जा रही थी। इस हमले में जांच एजेंसी के कई अधिकारी घायल हो गए थे।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।