मणिपुर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, गुवाहाटी में होगी सीबीआई मामले की सुनवाई

नई दिल्ली। पूरे देश में चर्चा का विषय बने मणिपुर हिंसा मामले की सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के पड़ोसी राज्य असम ट्रांसफर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज की सुनवाई में कहा कि, मणिपुर हिंसा की जांच से संबंधित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के मामलों की सुनवाई पड़ोसी राज्य असम में होगी और उसने गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मामलों की सुनवाई के लिए एक या अधिक न्यायिक अधिकारियों को नामित करने को कहा है। चीफ जस्टिस डी.वाई.चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कई निर्देश देते हुए कहा कि आरोपियों की पेशी, रिमांड, न्यायिक हिरासत और इसके विस्तार से संबंधित न्यायिक कार्यवाही गुवाहाटी में एक विशेष अदालत में ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।

वर्चुअल मोड में मामले की सुनवाई का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश में कहा कि, आरोपियों को अगर न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है या जब भी ऐसा किया जाएगा तो उन्हें गौहाटी स्थानांतरण से बचने के लिए मणिपुर में ही न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा। डी.वाई.चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सीबीआई मामलों से संबंधित पीड़ित, गवाह और अन्य लोग अगर ऑनलाइन उपस्थित नहीं होना चाहते हैं तो वे विशेष गौहाटी अदालत में प्रत्यक्ष उपस्थिति दे सकते हैं। पीठ ने मणिपुर सरकार को गुवाहाटी अदालत में ऑनलाइन मोड के माध्यम से सीबीआई मामलों की सुनवाई की सुविधा के लिए उचित इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने का निर्देश दिया।

See also  14 विपक्षी पार्टियों ने केंद्र पर ED और CBI के दुरुपयोग का लगाया आरोप, सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

विस्थापितों को दिया जाएगा पहचान पत्र और मुआवजा

आपको बता दे, शीर्ष अदालत ने 21 अगस्त को मणिपुर में जातीय हिंसा के पीड़ितों के राहत और पुनर्वास की निगरानी के लिए न्यायमूर्ति गीता मित्तल समिति नियुक्त की थी। दस से अधिक मामलों को सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था। इनमें उन दो महिलाओं के साथ बर्बर यौन उत्पीड़न से संबंधित मामला भी शामिल है, जो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने आशंका जताई है कि मणिपुर में जातीय संघर्ष के दौरान यहां के कई निवासी अपने पहचान दस्तावेज खो चुके होंगे। विस्थापितों को पहचान पत्र उपलब्ध हों और पीड़ितों के लिए मुआवजा योजना का विस्तार हो सके, यह सुनिश्चित करने के लिए समिति ने इस संबंध में शीर्ष अदालत से राज्य सरकार और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) सहित अन्य को निर्देश देने का अनुरोध किया है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रा

See also  बड़ी खबर : स्टूडियो में 17 बच्चों को बनाया गया बंधक, पुलिस ने किया रेस्क्यू, आरोपी गिरफ्तार

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।