नई दिल्ली। रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्णब गोस्वामी को प्राप्त दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण को सुप्रीम कोर्ट ने तीन सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि कोर्ट ने केस को सीबीआई को सौंपे जाने की उनकी मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज पहली एफआईआर को छोड़कर अन्य सभी को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पत्रकारिता की आजादी बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी का मूल आधार है।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एमआर शाह की बेंच ने गोस्वामी को शुरुआती प्राथमिकी निरस्त कराने के लिए कोर्ट ने उन्हें सक्षम अदालत जाने को कहा। पीठ ने प्रारंभिक प्राथमिकी, जो नागपुर में दर्ज हुई थी, के अलावा बाकी सभी प्राथमिकी रद्द करते हुए कहा कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता अभिव्यक्ति और बोलने की आजादी का मूल आधार है। नागपुर में दर्ज प्राथमिकी शीर्ष अदालत ने अर्णब गोस्वामी पर कथित हमले की शिकायत के साथ संयुक्त जांच के लिए मुंबई स्थानांतरित कर दी थी। नागपुर के बाद अर्णब के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

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