सुप्रीम कोर्ट

टीआरपी डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल की फंडिंग में असमर्थता जताते हुए दिल्ली सरकार द्वारा पैसे न दिए जाने पर सरकार को फटकार लगाई है।

सर्वोच्च न्यायालय ने साफतौर पर कहा कि अगर आपके पास बीते 3 सालों में विज्ञापन पर खर्च करने के लिए 1100 करोड़ रुपये हैं तो आपके पास इंफ्रा प्रोजेक्ट को वित्तपोषित करने के लिए भी पैसे होंगे।

कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह दो महीने में रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) प्रोजेक्ट के लिए 415 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए। 

जस्टिस एसके कौल और सुधांशु धुलिया ने पाया कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने बीते तीन सालों में विज्ञापन पर 1100 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्राम, कू
 पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।