टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल में खेला अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और भगवा परचम लहराने के बाद अब बारी है राजतिलक की। बंगाल में 15 साल के ममता राज को उखाड़ फेंकने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सरकार बनाने की तैयारियां तेज कर दी हैं। सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है कि 9 मई को बंगाल का नया मुख्यमंत्री शपथ लेगा।
प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने साफ कर दिया है कि यह दिन बंगाल के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। लेकिन गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि आखिर वो चेहरा कौन होगा जो दीदी की कुर्सी पर बैठेगा?
सुवेंदु अधिकारी की दावेदारी सबसे मजबूत
मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे जो नाम चल रहा है, वो है सुवेंदु अधिकारी का। सुवेंदु ने न केवल अपनी नंदीग्राम सीट बचाई, बल्कि ममता बनर्जी को उनके अपने घर यानी भवानीपुर में 15,105 वोटों से हराकर जायंट किलर का तमगा हासिल कर लिया है। सुवेंदु के पक्ष में सबसे बड़ी बात उनका जमीनी अनुभव और ममता की रणनीति को गहराई से समझना है। हालांकि, अधिकारी का कहना है कि वे सत्ता के भूखे नहीं हैं, लेकिन पार्टी सूत्रों की मानें तो आलाकमान उन पर दांव लगा सकता है।
दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य, संघ का साथ और मजबूत संगठन
रेस में दूसरा बड़ा नाम दिलीप घोष का है। खड़गपुर सदर से 30 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज करने वाले घोष RSS के पुराने और भरोसेमंद सिपाही रहे हैं। उनके कार्यकाल में ही बीजेपी ने बंगाल में अपना वोट बैंक 40% के पार पहुंचाया था। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य का नाम भी चर्चा में है। समिक को बूथ मैनेजमेंट का जादूगर माना जाता है और दिल्ली दरबार में उनकी पकड़ काफी मजबूत है।
अगर बीजेपी किसी महिला चेहरे पर दांव खेलती है, तो दो नाम सबसे ऊपर हैं। द्रौपदी के रूप में घर-घर में पहचानी जाने वाली रूपा गांगुली ने सोनारपुर दक्षिण से 1.28 लाख से ज्यादा वोट पाकर अपनी लोकप्रियता साबित कर दी है। आसनसोल दक्षिण से बड़ी जीत दर्ज करने वाली अग्निमित्रा पॉल ने महिलाओं के मुद्दों पर ममता सरकार को जमकर घेरा था, जिसका इनाम उन्हें मिल सकता है।
बौद्धिक चेहरा और दिल्ली का भरोसा
राशबिहारी सीट से जीत दर्ज करने वाले स्वपन दासगुप्ता बीजेपी के बौद्धिक चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। लंदन यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट और राज्यसभा का अनुभव उन्हें प्रशासनिक कार्यों के लिए फिट बनाता है। पिछली बार की हार के बाद इस बार की बड़ी जीत ने उन्हें फिर से रेस में ला खड़ा किया है।


