टीआरपी न्यूज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले कांग्रेस में बैठकों का दौर हुआ। कार्य समिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आग्रह पर सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल का चेयरपर्सन चुन लिया गया। दूसरे बड़े घटनाक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के लिए एक लाइन में प्रस्तावित किया गया।

हालांकि कि राहुल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार नहीं दिखें वो ये मीटिंग में ये कह कर बात को आगे बढ़ा दिए कि उन्हें सोचने का वक्त चाहिए…। राहुल की दुविधा ये है कि वो वायनाड और रायबरेली दोनों से जीतकर आए हैं। ऐसे में पहले इस बात का फैसला करना मुश्किल होगा कि वो किस सीट का प्रतिनिधितत्व करेंगे। ऐसे में दो दूनी एक वाली बात होगी।

वायनाड छोड़ा तो केरल में पार्टी नाराज होगी और रायबरेली छोड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा। करीब 15 साल बाद यूपी में इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए सीटों का सूखा खत्म हुआ है। और यहीं सवाल राहुल के लिए दुविधा बन गया है। ऐसे में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के लिए उन्हें सोचने के लिए वक्त तो लगेगा। राहुल के सामने कुल जमा सवाल तो ये वो चाहे वायनाड चुने या रायबरेली..उत्तर तो दो दूनी एक..ही आना है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।