नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने की घोषणा की। इस फैसले के चलते बैंकों के लोन की ब्याज दरें भी वैसे ही बनी रहेंगी और ग्राहकों को तत्काल कोई राहत नहीं मिलेगी।

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने अपना रुख Neutral (तटस्थ) बनाए रखा है, यानी जरूरत पड़ने पर भविष्य में ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी की संभावना बनी रहेगी। गवर्नर ने कहा कि अमेरिका के साथ हालिया ट्रेड डील से भारत के एक्सपोर्ट को मजबूती मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था अभी मजबूत स्थिति में है।

भारत-अमेरिका डील से निर्यात को मजबूती

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बजट 2026 में घोषित कई उपाय विकास के लिए अनुकूल होंगे और इससे भारतीय सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहेगी। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भी जिक्र किया, और बताया कि इन अंतरराष्ट्रीय डीलों से भारत के निर्यात को और मजबूती मिलेगी।

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गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अगले दो दिनों में भारत को जीडीपी और महंगाई दोनों के लिए एक नया बेस ईयर मिलने वाला है। उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है और घरेलू महंगाई तथा विकास दोनों ही सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को 7.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है।