RBI Policy: भारतीय रिजर्व बैंक ने RBI Policy का ऐलान कर दिया है। रिजर्व बैंक ने होम, कार लोन समेत तमाम तरह के लोन लेने वालों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 6.5% पर बना रहेगा। आपको बता दें कि लगातार तीसरी बार आरबीआई ने अपनी दोमासिक मौद्रिक पॉलिसी में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है। महंगाई को काबू करने के लिए आरबीआई ने रेपो रेट में 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी कर इसे 6.5 फीसदी कर दिया था। इससे कर्ज लेना महंगा हो गया है। इसके चलते लोगों पर ईएमआई का बोझ बढ़ा है। हालांकि, आरबीआई ने रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं कि है लेकिन बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त की है।

सब्जियों के दाम बढ़ने से बढ़ी महंगाई

आरबीआई की मौद्रिक पॉलिसी की घोषणा करते हुए गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सब्जियों के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ी है। दास ने कहा कि जुलाई और अगस्त महीने में सब्जियों के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ी रहेगी। उन्होंने बताया कि एमपीसी के सभी सदस्य रेपो रेट में बदलाव के पक्ष में नहीं थे।

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भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत

आरबीआई गवर्नर ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत बनी हुई। कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत है। ग्रामीण मांग में सुधार देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वैश्विक ब्याज दरें अभी हाई पर बनी रहेंगी आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 6.5% पर बरकरार रखा है। आरबीआई ने बताया कि सरकारी खर्चो से निवेश की रफ्तार तेज हुई है।

खाद्य महंगाई चिंता का विषय

भारतीय अर्थव्यवस्था ने महंगाई के नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की, हालांकि खाद्य मुद्रास्फीति चिंता का विषय है। दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है। दास ने बताया कि वित्त वर्ष 2024 में महंगाई दर 5.1% से बढ़कर 5.4% पर पहुंचने की आशंका है।