टीआरपी डेस्क। देश की न्यायपालिका में एक दमदार नाम रहे उज्ज्वल निकम अब राज्यसभा पहुंचेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामांकित किया है। उनके साथ तीन और नाम हैं पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, इतिहासकार मीनाक्षी जैन और केरल के समाजसेवी सदानंदन मास्टर।

कसाब को फांसी दिलाई, सैकड़ों को उम्रकैद

उज्ज्वल निकम वही हैं जिन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के एकमात्र ज़िंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब को अदालत के जरिए फांसी तक पहुंचाया था। यह केस जितना संवेदनशील था, उतनी ही गंभीर थी जिम्मेदारी। उस दौर में उन्हें Z+ सुरक्षा मिली थी। तीन दशक से भी ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 600 से ज्यादा अपराधियों को उम्रकैद और 37 को फांसी दिलवाई है।

पद्मश्री से सम्मानित, जनता में भरोसे का नाम

2016 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। वो सिर्फ कोर्ट रूम में नहीं, बल्कि आम लोगों की नजरों में भी एक निडर और न्यायप्रिय चेहरे के तौर पर पहचाने जाते हैं। न्याय प्रणाली पर उनका भरोसा और उसकी रक्षा के लिए उनका समर्पण साफ दिखता रहा है।

2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से चुनाव लड़ा, हालांकि कांग्रेस की वर्षा गायकवाड़ से करीब 16 हजार वोटों से

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।