Watika Money Laundering Case: वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित रियल एस्टेट धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम में हरियाणा के पूर्व राज्य मंत्री गोपाल कांडा से जुड़े तीन परिसरों पर तलाशी ली। पीएमएलए की धारा 17 के तहत हुई इस कार्रवाई में कांडा के आवास, फार्महाउस और कार्यालय परिसर को खंगाला गया।
ईडी की जांच वाटिका लिमिटेड की चार व्यावसायिक परियोजनाओं में निवेशकों से जुटाई गई रकम और उसके कथित लेन-देन से जुड़ी है।
661 निवेशकों से जुटाए गए 248.46 करोड़
ईडी के मुताबिक, इन चार परियोजनाओं में करीब 661 निवेशकों से लगभग 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। निवेशकों को समय पर परियोजनाओं का कब्जा देने, सुनिश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड कराने का भरोसा दिया गया था। जांच एजेंसी का कहना है कि निवेशकों को अब तक परियोजनाओं का कब्जा नहीं दिया गया और न ही वादे के मुताबिक सेल डीड का निष्पादन हुआ। ईडी अब यह पता लगा रही है कि निवेशकों से मिली रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। जांच के दौरान रकम के कथित डायवर्जन और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई है।
कांडा से जुड़ी कंपनियों तक रकम पहुंचने की जांच
अधिकारियों के अनुसार, जांच में ऐसी वित्तीय कड़ियों का पता चला है जिनमें निवेशकों से प्राप्त रकम को कथित तौर पर गोपाल कांडा से जुड़ी अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर किए जाने की आशंका है। इसी वित्तीय ट्रेल को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने कांडा से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली। एजेंसी यह भी देख रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का वास्तविक इस्तेमाल किन कंपनियों और संपत्तियों में हुआ।
25 अगस्त को भी हुई थी कार्रवाई
वाटिका समूह के खिलाफ ईडी की यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले 25 अगस्त 2026 को गुरुग्राम स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने वाटिका लिमिटेड और उसके प्रवर्तक-निदेशकों से जुड़े दिल्ली-एनसीआर के सात आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर पीएमएलए के तहत तलाशी ली थी। उस कार्रवाई में कई दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। ईडी के अनुसार, करीब 33 करोड़ रुपये के तीन लग्जरी वाहन, आभूषण और बैंक खातों तथा प्रतिभूतियों को जब्त या फ्रीज किया गया था।
अक्टूबर 2024 से चल रही जांच
ईडी ने अक्टूबर 2024 में भी वाटिका लिमिटेड और अन्य के खिलाफ अपनी जांच से जुड़ी जानकारी साझा की थी। एजेंसी के अनुसार, मामला उन आरोपों से जुड़ा है जिनमें निवेशकों को वादे के मुताबिक सुनिश्चित रिटर्न नहीं मिला और उन्हें व्यावसायिक इकाइयों का कब्जा भी नहीं दिया गया। जांच में ईडी ने करीब 250 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का अनुमान लगाया था। एजेंसी ने 200 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों की पहचान किए जाने की भी बात कही थी। फिलहाल गोपाल कांडा से जुड़े तीन परिसरों पर हुई ताजा तलाशी में ईडी को क्या-क्या मिला है, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में जांच जारी है।


