टीआरपी डेस्क। यूनाइटेड किंगडम के कोवेंट्री शहर में स्थित अमेजन के फुलफिलमेंट सेंटर में ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के मामलों की पुष्टि हुई है। इस बैक्टीरियल संक्रमण को आम तौर पर विक्टोरियन बीमारी कहा जाता है। मामलों के सामने आने के बाद कर्मचारियों की सेहत और कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, जीएमबी यूनियन ने अमेजन के इस वेयरहाउस में टीबी के कई मामलों की पुष्टि की है, जहां करीब 3,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। यूनियन ने संक्रमण की रोकथाम के लिए साइट को अस्थायी रूप से बंद करने की मांग की है।

अमेजन ने स्वीकार किया है कि सितंबर में टीबी के 10 मामले सामने आए थे, जिनकी पहचान 2025 में हुई। कंपनी का कहना है कि इसके बाद कोई नया मामला सामने नहीं आया है। अमेजन के प्रवक्ता के अनुसार, एहतियात के तौर पर स्क्रीनिंग प्रोग्राम चलाया जा रहा है और वेयरहाउस सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। कंपनी ने एनएचएस और यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की बात कही है।

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कंपनी का दावा है कि सामने आए मामले नॉन-कॉन्टैजियस हैं और संभावित रूप से प्रभावित कर्मचारियों की जांच स्वास्थ्य एजेंसियों के सहयोग से की जा रही है।

यूकेएचएसए वेस्ट मिडलैंड्स के डॉ. रोजर गजराज के अनुसार, संक्रमित कर्मचारियों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुल जोखिम कम है और टीबी का इलाज एंटीबायोटिक्स से संभव है।

एनएचएस के मुताबिक, टीबी के सामान्य लक्षणों में लंबे समय तक खांसी, थकान, बुखार, भूख न लगना और वजन कम होना शामिल है। वहीं, लेटेंट टीबी में लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन यह बाद में सक्रिय हो सकता है।

यूकेएचएसए के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में ब्रिटेन में टीबी के मामलों में 136 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और करीब 5,500 लोग इससे प्रभावित पाए गए।

जीएमबी यूनियन ने वेयरहाउस को अस्थायी रूप से बंद कर सभी 3,000 कर्मचारियों को पूरी सैलरी के साथ घर भेजने की मांग दोहराई है, जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रित न हो जाए।

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कोवेंट्री साउथ की सांसद जारा सुल्ताना ने भी अमेजन के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कई मामलों की पुष्टि के बावजूद साइट को बंद न करना गलत है। उनका आरोप है कि कंपनी कर्मचारियों की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रही और वेयरहाउस को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।