गढ़चिरौली। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को हार्डकोर इनामी नक्सली दंपति ने एसपी के सामने सरेंडर कर दिया। दोनों पर 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सली दंपति ने खुशहाल जिंदगी गुजारने व अपना परिवार बढ़ाने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के बाद नक्सली दंपति ने बताया कि माओवादी संगठन उनका नसबंदी कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया।

मिली जानकारी के अनुसार गढ़चिरौली पुलिस के सामने सरेंडर करने वाला नक्सली विकास उर्फ विनोद है। वह छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले का रहने वाला है। उसकी पत्नी राजे उसेंडी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की निवासी है। दोनों के बीच संगठन में रहते हुए नजदीकियां बढ़ी और दोनों ने शादी कर ली। माओवादी संगठन को इनकी शादी से दिक्कत नहीं थी, लेकिन समस्या तब खड़ी हुई जब संगठन के नेता इनके परिवार बढ़ाने पर राजी नहीं हुआ। संगठन के नेता इनकी नसबंदी कराना चाहते थे, इसलिए दोनों ने संगठन छोड़ दिया और गढ़चिरौली पहुंचकर एसपी अंकित गोयल के सामने हथियार डाल दिए।

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मुठभेड़ सहित कई बड़ी घटनाओं में रहे हैं शामिल

गढ़चिरौली के एसपी अंकित गोयल ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सली PPCM के कंपनी नंबर 10 के सदस्य रहे हैं। नक्सली विकास पर 8 लाख रुपये तथा उसकी पत्नी राजे उसेंडी 4 लाख रुपये का इनाम घोषित था। फोर्स को नुकसान पहुंचाने सहित दोनों कई मुठभेड़ में शामिल रहे हैं। संगठन में रहते हुए इन दोनों ने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर कई वारदातों को अंजाम दिया है। इन दोनों ने शादी के बाद हिंसा छोड़कर आम जीवन जीने का निर्णय लिया है। दोनों नक्सलियों ने एसपी कार्यालय में सरेंडर कर दिया। एसपी ने बताया कि दोनों को शासन की पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाएगा।

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