रांची। माओवादियों ने झारखंड के रांची-लातेहार सीमा पर तीसरी रेलवे लाइन निर्माण कार्य साइट पर हमला कर दिया। इस हमले में माओवादियों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान वहां डम्पर, हाइवा, पोकलेन व स्कॉर्पियो जलकर गए। रांची के मैक्लुस्कीगंज और लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र में माओवादियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है।

मजदूरों पर भी किया हमला

इस वारदात के दौरान नक्सलियों ने मजदूरों की पिटाई भी की। नक्सलियों ने नारे भी लगाए। घटनास्थल में मौजूद वीवी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के एक मजदूर ने बताया कि शाम के करीब 5:45 बजे अचानक से 10-12 की संख्या में बन्दूकधारी नक्सली साइट में आ धमके, जिसे देखकर बहुत से मजदूर भागने लगे। जो मजदूर उनकी पकड़ में आया, उसकी पिटायी की गयी। फिर पास में खड़े वाहनों में आग लगा दिया गया। यहां क्रेटा कार से मशीन रिपेयरिंग करने वाले मिस्त्री आए हुए थे। वो क्रेटा कार भी इस हमले का शिकार हो गया। इस दौरान नक्सली नारे भी लगा रहे थे।

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लेवी की वसूली के लिए किया गया हमला

सूत्रों मुताबिक इस घटना को नक्सली संगठन के सब जोनल कमांडर रविन्द्र गंझू के दस्ते ने अंजाम दिया है। यह हमला लेवी को लेकर किया गया। बता दें कि इससे पूर्व में भी तीन-चार बार रेलवे निर्माण कार्य में लगी कंपनियों पर रविन्द्र गंझू बड़ा हमला करते हुए करोड़ो रुपयों का नुकसान पंहुचा चुका है। इस महीने के भीतर झारखंड में रेलवे की साइट पर यह दूसरा हमला है। इसके पहले 1 सितंबर को सिमडेगा जिले में कनरवा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की कंस्ट्रक्शन साइट पर प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई ने हमला कर एक पोकलेन मशीन को आग के हवाले कर दिया था।

रेलवे के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चतरा के टंडवा स्थित एनटीपीसी के सुपर थर्मल पावर स्टेशन में कोयले की आपूर्ति की सुविधा बढ़ाने और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन फीडर लाइन तैयार करने के लिए पतरातू से सोननगर के बीच थर्ड रेल लाइन का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य का ठेका केईसी इंटरनेशनल कंपनी का है।

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सरकार से मांगी गई थी सुरक्षा

पूर्व में रेलवे रेलवे विकास निगम लिमिटेड रांची ने हमलों की लगातार हो रही घटनाओं पर राज्य सरकार के गृह विभाग को हाल में पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। पत्र में ऐसी कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि इस वजह से रेलवे की कई परियोजनाएं बाधित हो रही हैं।