NEET Paper Leak Action: नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध और प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर मंतर से लेकर विभिन्न राज्यों में चल रहे छात्र आंदोलन के बाद खुद कमान संभाली है। गुरुवार को नई दिल्ली में सरकार ने 4 राज्यों में विशेष अदालतों के गठन, शिक्षा विभाग में बड़े प्रशासनिक बदलाव और कड़े नियमों का ऐलान किया है। सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासन के बाद 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
सरकार के इस फैसले के तहत दिल्ली, बॉम्बे, कलकत्ता और मध्य प्रदेश में हर रोज सुनवाई करने वाली विशेष अदालतें बनाई जाएंगी। इन अदालतों का मकसद जांच और सजा की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना है। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारी नरेश गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि पुराने अधिकारी विनीत जोशी का तबादला पंचायती राज विभाग में कर दिया गया है। जंतर मंतर पर अनशन स्थल पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आंदोलनकारियों को सरकार के फैसले का पत्र सौंपा।
प्रशासनिक फेरबदल और सरकार के लिखित वादे
नीट परीक्षा में धांधली और पर्चा लीक होने के आरोपों के बाद देश भर के हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए थे। जंतर मंतर पर आंदोलन की शुरुआत हुई थी और 20 जुलाई को संसद की तरफ विशाल मार्च निकाला गया था। छात्रों की मांग और परीक्षा प्रणाली पर उठते सवालों के बीच 28 जून से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे। इस मुद्दे को लेकर संसद में विरोध हुआ था और प्रशासनिक व्यवस्था को बदलने की मांग लगातार की जा रही थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी संदेश में स्पष्ट किया कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और सजा दिलाने के लिए तेजी से काम किया जाएगा। सरकार द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन में कहा गया है कि प्रदर्शन करने वाले किसी भी छात्र पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए संसद के आगामी सत्र में विस्तार से चर्चा कराने की बात कही गई है।
छात्रों को राहत
सरकार के इस कड़े कदम और आश्वासन से लाखों छात्रों और उनके परिजनों में राहत की उम्मीद जगी है। विशेष अदालतें बनने से मुकदमों का निपटारा समय पर होगा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। प्रशासनिक फेरबदल से विभागों में जवाबदेही तय होगी। इसके अलावा परीक्षा के तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की योजना से प्रभावित परिवारों को सहारा मिलेगा।
सरकार के इन ठोस फैसलों और सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने से जारी तनाव में कमी आई है। हालांकि, अब सभी की नजरें संसद में होने वाली चर्चा और अदालतों के गठन की प्रक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में परीक्षा प्रणाली से जुड़े नए नियमों और कानूनी अपडेट की जानकारी पाठकों तक लगातार पहुंचाई जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने क्या बड़ा फैसला किया है?
सरकार ने 4 राज्यों में विशेष अदालतों का गठन किया है और शिक्षा सचिव को बदल दिया है।
- विशेष अदालतें कहां-कहां स्थापित की जा रही हैं?
दिल्ली, बॉम्बे, कलकत्ता और मध्य प्रदेश के हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विशेष अदालतें बनाई जा रही हैं।
- सोनम वांगचुक ने अपना अनशन क्यों समाप्त किया?
सरकार की ओर से 3 मुख्य मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया।
- शिक्षा विभाग में क्या बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है?
वरिष्ठ अधिकारी नरेश गंगवार को नया शिक्षा सचिव बनाया गया है।
- क्या प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई केस दर्ज होगा?
सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसी छात्र पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।


