AIIMS के बाहर धरने पर बैठे फार्मासिस्ट बोले- स्थापना के 9 साल बाद भी नहीं हुई भर्ती

AIIMS के बाहर धरने पर बैठे फार्मासिस्ट बोले- स्थापना के 9 साल बाद भी नहीं हुई भर्ती

रायपुर। इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन (IPA) विगत कई वर्षों से रायपुर एम्स में फार्मासिस्ट की नियमित भर्ती करने, ड्रग इंफॉर्मेशन सेंटर (DIC) शुरू करने एवं DIC में फार्मासिस्ट नियुक्त करने के साथ ही फार्मेकोविजिलेंस विभाग शुरू करने, AIIMS परिसर में जन औषधी दवा दुकान खोलने आदि की मांग कर रहा है।

इसे लेकर गुरुवार को एम्स के गेट के सामने मानव श्रृंखला बनाकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन (IPA) छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव राहुल वर्मा, वैभव शास्त्री ने बताया कि भारत सरकार के कानून फार्मेसी एक्ट 1948 नियम 42 के मुताबिक गैरपंजीकृत फार्मासिस्ट द्वारा दवा डिस्पेन्स करने पर छः माह कारावास एवं एक हज़ार जुर्माने का प्रावधान है।

आईपीए ने कहा कि मांगों का जल्द निराकरण नहीं होने पर देशभर में प्रदर्शन करने की बात कही गई है। एम्स रायपुर 2012 से स्थापित है। नौ साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक स्वीकृत 40 फार्मासिस्ट संवर्ग के एक भी पद पर भर्ती नहीं हुई है, बल्कि 32 सुपरस्पेशिलिटी वाले अस्पताल में दवा प्रबंधन वार्ड ब्वाय और नर्स कर रहे हैं।

फार्मासिस्ट संगठन की प्रमुख मांगें

  • रायपुर AIIMS में फार्मासिस्ट की नियमित भर्ती
  • ड्रग इन्फ़र्मेशन सेंटर ( DIC ) शुरू करने एवं DIC में फार्मासिस्ट नियुक्ति
  • फार्मेकोविजिलेंस विभाग शुरू करना
  • AIIMS परिसर में जन औषधी दवा दुकान

रायपुर एम्स ने कहा भर्ती की प्रक्रिया चल रही आरोप सही नहीं

रायपुर एम्स प्रबंधन की तरफ से इस मामले में कहा गया कि ऐसा नहीं है कि यहां फार्मासिस्ट हैं ही नहीं। संविदा पर फार्मासिस्ट रखे गए हैं। भर्ती की प्रक्रिया के लिए भी जानकारी मंत्रालय को भेजी गई है। वहां से अप्रूवल मिलने के बाद भर्ती भी होगी। फार्मासिस्ट संगठन के राहुल वर्मा ने दावा किया है कि AIIMS रायपुर 2012 से स्थापित है। 9 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक स्वीकृत 40 फार्मासिस्ट संवर्ग के एक भी पद पर भर्ती नहीं हुई है।

महंगाई भत्ते की मांग

प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सरकारी कर्मचारियों को जुलाई 2019 से लंबित 16 फीसद महंगाई भत्ता के भुगतान की मांग की है। राज्य कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन समर्थन करते हुए उन्होंने सरकार से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की मांग की है। चंद्राकर ने राज्य के कर्मचारियों व पेंशनर्स को लंबित पांच फीसद समेत 11 फीसद महंगाई भत्ता देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के साथ न्याय करने पर जोर दिया है।

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