भाजपा के शासन में हर दिन 3 किसानों ने की आत्महत्या, हमारे कार्यकाल में आई 10 गुना कमी- कांग्रेस

रायपुर। कांग्रेस सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता के दौरान सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद राज्य के हर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर में परिवर्तन आया। कांग्रेस की सरकार ने हर वर्ग के विकास के लिये प्रभावी योजना बनाकर उनका जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन किया गया।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार अपने कार्यकाल के चार साल पूरा कर रही है। यह चार साल गौरव और स्वाभिमान के है। किसानों का कर्जा माफ, युवाओं के लिये सरकारी नौकरी के द्वार खोले गये, आऊट सोर्सिंग बंद किया गया, आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिये विशेष योजनायें बनाई गयी, राज्य की संस्कृति को सवंर्धित करने का काम किया गया।

रमन सिंह ने कहा 4 साल गौरव के नहीं 4 साल गर्त का। दरअसल उन्होंने यह गर्त शब्द भाजपा के लिये उपयोग में लाया है। 2018 में रमन सिंह के नेतृत्व में तीन चौथाई बहुमत से हारने के बाद भाजपा सही में 4 साल में विधानसभा के उपचुनाव, चुनाव दर चुनाव महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष सभी में तो भाजपा गर्त में ही गयी है।
कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र के 36 प्रमुख वायदों में से 90 प्रतिशत से अधिक वायदों को पूरा कर चुकी है।

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इस प्रदेश का सबसे बड़ा राजनैतिक नरसंहार रमन राज में झीरम में हुआ जिसमें 31 कांग्रेस नेताओं को मार डाला गया। रमन राज की अपेक्षा छत्तीसगढ़ में अपराधों में 64 प्रतिशत की कमी आई। रमन सिंह बेशर्मीपूर्वक झूठ बोल रहे है कि राज्य में अपराध बढ़ गये। जबकि छत्तीसगढ़ महिला अपराध में 18वें नंबर है जो कि रमन राज में 6वें स्थान पर था। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2018 में छत्तीसगढ़ बलात्कार के मामलों में पांचवे नंबर पर था, 2021 में भूपेश सरकार की महिला सुरक्षा नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ 11वें स्थान पर आ चुका था।

बलात्कार के प्रयास की घटनाओं में भी एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ 2018 तक 10वें स्थान पर था, जबकि भूपेश सरकार के बाद 2021 में छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थिति में सुधार किया है और ये 16वें स्थान पर है। महिला के विरूद्ध घटित अपराध में छत्तीसगढ़ की स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर 18वें स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रति लाख आबादी पर महिला के विरुद्ध घटित अपराध की दर 63.3 है।

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2013 के चुनाव घोषणा पत्र में धान का समर्थन मूल्य 2100 रू. एवं 300 रू. बोनस प्रति क्विंटल देने का वादा जुमला साबित। भाजपा की वादाखिलाफी के कारण कर्ज से लदकर प्रतिदिन औसत तीन किसान आत्महत्या करने मजबूर। 365×3=1095 किसान। 15 साल में 15000 किसानों ने आत्महत्या किया, आज छत्तीसगढ़ में किसान आत्महत्या का दौर समाप्त हो गया। भाजपा खुद दावा कर रही चार साल में 431 किसान आत्महत्या किये अर्थात 108 किसान प्रतिवर्ष दस गुना की कमी आई है।

वरिष्ठ प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुये रमन सिंह ने कहा था कि सरकार रहे चाहे जाये शराबबंदी करके रहेंगे, किया उल्टा। शराब का सरकारी करण करके 400 करोड़ के राजस्व को 5000 करोड़ तक पहुंचाया। गोवा को पीछे छोड़कर प्रति व्यक्ति शराब खपत के मामले में छत्तीसगढ़ को नंबर वन बनाया। सर्वविदित है कि शराब के कमीशन के बटवारे को लेकर रमन केबिनेट में आय दिन विवाद होते रहे। शराबबंदी हेतु बनाई गयी राजनैतिक कमेटी में 2 नाम भाजपा को देने थे वो आज तक नहीं दिये गये।सामाजिक बुराई के खिलाफ लड़ाई में तीनो स्तर पर प्रयास किये जा रहे। तीन कमेटिया बनाई गयी है। सामाजिक, राजनैतिक और प्रशासनिक। तीनो कमेटिया अपने-अपने स्तर पर काम कर रही है। शराबबंदी वाले राज्यों में अध्ययन कर सभी संभव विकल्पो पर कार्य योजना बनाई जा रही है।

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प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रोजगार- रमन राज में सितंबर 2018 में प्रदेश की बेरोजगारी दर 22.2 प्रतिशत थी। आउटर्सोसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं के रोजगार के अधिकार को बेचते रहे। 15 साल में केवल 9 बार पीएससी की भर्ती की गयी। 6 बार परीक्षा ही निरस्त। रमन सिंह के 15 साल के कुशासन में एक भी पद पर नियमित शिक्षक की भर्ती नहीं की गयी। शिक्षाकर्मियों से लगातार वादाखिलाफी की जाती रही, आंदोलन को बलपूर्वक कुचला गया। पिछले 4 साल में 5 लाख युवाओं को रोजगार। आगामी 5 वर्षो में 15 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन का गठन।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।