रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रामपुर जेल से रिहाई के ठीक बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया है। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल से बाहर आए थे, लेकिन जेल गेट पर पहले से मौजूद ईडी की टीम ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
जेल से निकलते ही जश्न बदला मातम में
गुरुवार को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद से ही समर्थकों में भारी उत्साह था। शुक्रवार को कुछ तकनीकी कारणों (मजिस्ट्रेट कोर्ट से रिहाई परवाना जारी न होने) से उनकी रिहाई टल गई थी। शनिवार को सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जब दोनों पिता-पुत्र बाहर आए, तो समर्थकों ने उनका स्वागत करने की तैयारी की थी। लेकिन ईडी की इस अचानक कार्रवाई से सारा जश्न पल भर में मायूसी में बदल गया। जेल से बाहर आते ही मीडिया से बात करते हुए आजम खान ने निराशा जताते हुए कहा, अब कहने के लिए बचा ही क्या है? क्या मुसलमान होने की यही सजा है?
किस मामले में हुई है कार्रवाई?
ईडी ने यह बड़ी कार्रवाई जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय निर्माण में कथित वित्तीय धांधली और सरकारी धन के गबन के मामले में की है। बता दें कि ईडी ने 13 अक्टूबर को अजीमनगर थाने में आजम खान और उनके जौहर ट्रस्ट समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
इस भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ के लिए ईडी उन्हें गाजियाबाद कोर्ट में पेश करेगी। पुलिस ने भी आजम खान को रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में अर्जी दी है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी और कोर्ट ने उन्हें तलब किया है।



