Big News : CM बघेल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बारदानों की समयानुसार आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित पर कही ये बात
Big News : CM बघेल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बारदानों की समयानुसार आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित पर कही ये बात

रायपुर। सीएम बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा 12 नवंबर 2021 को जारी प्लान के अनुसार नये जूट बारदानों की समयानुसार आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखते हुए कहा की प्लान के अनुसार छत्तीसगढ़ को 2.14 लाख गठान नये जूट बारदाने जूट कमिश्नर कोलकाता के माध्यम से क्रय करने की अनुमति प्राप्त हुई है। इसके विरुद्ध राज्य को अभी तक मात्र 86,856 गठान नये जूट बारदाने प्राप्त हुए हैं, जो प्लान अनुसार अपेक्षित मात्रा से काफी कम है।

राज्य को धान खरीदी के लिए 5.25 लाख गठान बारदाने की आवश्यकता है। जूट कमिश्नर द्वारा प्लान के अनुसार यदि समयानुसार शतप्रतिशत बारदानों की आपूर्ति नहीं की जाती है तो राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो सकती है।

105 लाख टन धान उपार्जन होना अनुमानित

प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में बघेल ने यह भी कहा है प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी का कार्य 01 दिसंबर, 2021 से प्रारंभ होना संभावित है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर राज्य में किसानों से 105 लाख टन धान उपार्जन होना अनुमानित है, जिसके लिए 5.25 लाख गठान बारदाने की आवश्यकता होगी।

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शेड्यूल किया गया जारी

इसमें से 2.14 लाख गठान नये जूट बारदाने जूट कमिश्नर कोलकाता के माध्यम से क्रय करने की अनुमति खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 12 नवंबर 2021 को जारी पत्र के द्वारा दी गई है। इसके अनुसार माह अगस्त हेतु 0.19 लाख गठान, सितंबर हेतु 0.32 लाख गठान, अक्टूबर हेतु 0.72 लाख गठान, नवंबर हेतु 0.15 लाख गठान एवं दिसंबर हेतु 0.76 लाख गठान नये जूट बारदाने की माहवार आपूर्ति किये जाने का शेड्यूल जारी किया गया है।

नियत समय पर नहीं ही रही आपूर्ति

सीएम बघेल ने प्रधानमंत्री को बताया है कि विगत वर्ष में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु प्रतिदिन औसतन 10 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता हो रही थी। ऐसी स्थिति में यदि जूट कमिश्नर कोलकाता द्वारा आपूर्ति कार्ययोजना के अनुरूप शत-प्रतिशत बारदानों की आपूर्ति नियत समय पर नहीं की जाती है, तो धान खरीदी अवधि के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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