रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों राज्यसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो चली है। नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि अब तक न तो भाजपा और न ही कांग्रेस के किसी अधिकृत प्रत्याशी ने नामांकन फॉर्म खरीदा है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि दोनों ही दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने के लिए वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं।
राज्यसभा चुनाव 2026 कार्यक्रम
- 26 फरवरी 2026: अधिसूचना जारी
- 5 मार्च 2026: नामांकन की अंतिम तिथि
- 6 मार्च 2026: नामांकन पत्रों की संवीक्षा
- 9 मार्च 2026: नाम वापसी की अंतिम तिथि
- 16 मार्च 2026: सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान
- 16 मार्च 2026: शाम 5 बजे से मतगणना
- 20 मार्च 2026: संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण
दिल्ली में मंथन !
सूत्रों की मानें तो प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर दिल्ली के केंद्रीय नेतृत्व की पसंद से लगेगी। रायपुर में पार्टी पदाधिकारी लगातार रणनीतिक बैठकों में जुटे हुए हैं, जबकि संभावित दावेदार अपनी सक्रियता बढ़ा चुके हैं। दोनों ही दलों के भीतर लॉबिंग तेज है और कई वरिष्ठ नेता रेस में बने हुए हैं।
विधानसभा की वर्तमान संख्या बल के आधार पर देखा जाए तो जीत का गणित स्पष्ट नजर आता है, लेकिन अंतिम क्षणों तक राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रत्याशी चयन में सामाजिक संतुलन, संगठनात्मक अनुभव और केंद्रीय नेतृत्व की पसंद अहम भूमिका निभा सकती है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि औपचारिक नामांकन भले ही अभी बाकी हो, लेकिन परदे के पीछे की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिरकार राज्यसभा के लिए किसे मैदान में उतारा जाता है और क्या मुकाबला निर्विरोध रहेगा या मतदान की नौबत आएगी।


