CG Politics : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है। रायपुर के खम्हारडीह थाने के सामने कांग्रेस का धरना पिछले 20 घंटे से लगातार जारी है। यह विरोध प्रदर्शन हाल ही में हुए भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बवाल के बाद शुरू हुआ। पुलिस द्वारा कांग्रेस के 12 नेताओं और दर्जनों कार्यकर्ताओं पर गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इसके विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता थाने के बाहर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि पत्थरबाजी और उकसावे के लिए जिम्मेदार भाजपा नेताओं पर भी तत्काल काउंटर FIR दर्ज की जाए।

घटनाक्रम की शुरुआत उस वक्त हुई जब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेताओं पर मामले दर्ज किए। इसके विरोध में गुरुवार शाम से ही कांग्रेसी थाने के बाहर जमा होने लगे थे। देर रात कार्यकर्ताओं ने मौके पर टेंट, गद्दे और कालीन मंगवाए और सड़क पर ही डेरा डाल दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। थाना परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक पुलिस उनकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करती, उनका आंदोलन थमने वाला नहीं है।

सत्ता पक्ष पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
इस पूरे विवाद की जड़ कुछ दिनों पहले दोनों दलों के बीच हुई हिंसक झड़प से जुड़ी है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता उनके प्रदेश कार्यालय का घेराव करने आए थे, जहां से जूते, बोतलें और पत्थर फेंके गए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि एकतरफा दबाव में काम करना लोकतंत्र के लिए घातक है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि हिंसा की शुरुआत किस तरफ से हुई थी।

क्या है पूरा मामला ?
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 22 जुलाई को भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव प्रदर्शन के दौरान हुए भीषण बवाल में खम्हारडीह थाना पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज की है। खम्हारडीह थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार गौतम की आधिकारिक शिकायत पर पुलिस ने कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, बल प्रयोग करने और उपद्रव फैलाने की गंभीर धाराओं में अपराध कायम किया है। राजीव भवन के बाहर हुए इस टकराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर यह कड़ा वैधानिक कदम उठाया है।राजनीति

क्यों उतरे थे सड़क पर ?
बता दे कि प्रधानमंत्री आवास के घेराव के विरोध में जब भाजपा कार्यकर्ता रायपुर स्थित राजीव भवन की ओर बढ़े, तो वहां स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। एफआईआर के मुताबिक, सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स की तरफ कांग्रेस कार्यालय की ओर से नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता तेजी से आगे बढ़े। पुलिसकर्मियों ने जब प्रदर्शनकारियों को रोकने और शांति बनाए रखने की अपील की, तब उग्र भीड़ ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। आरोप है कि उपद्रव के दौरान पुलिस बल पर कांच की बोतलें, पत्थर, लकड़ी और जूते फेंके गए, जिससे पीएसआई देवराज सिंह के सिर पर गंभीर चोट आई और महिला आरक्षक सीमा बंजारे का हाथ चुटैल हो गया।

पुलिस प्रशासन की रिपोर्ट में क्या लिखा ?
प्रदर्शन के दौरान शासकीय ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों पर जानबूझकर हमला किया गया। बैरिकेडिंग तोड़कर पुलिस बल पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं, जिससे कई जवान घायल हुए। वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ्स का गहराई से विश्लेषण किया जा रहा है और कानून का उल्लंघन करने वाले हर व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बीएनएस की संगीन धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खुबी डहरिया, सागर दुल्हानी, अजीज भिंसरा और अमित तिवारी को नामजद आरोपी बनाया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 121(1), 132, 191 और 221 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जांच आगे बढ़ने के साथ ही इसमें अतिरिक्त नाम भी जोड़े जा सकते हैं।

पुलिस ने चलाया वाटर कैनन
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछारों के बावजूद कार्यकर्ता मौके पर डटे रहे और नारेबाजी करते रहे। वहीं, भाजपा के इस घेराव के बाद कांग्रेस नेता भी प्रदर्शन करेंगे। घेराव को देखते हुए एहतियातन ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों को लेकर एडवाइजरी जारी भी की थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, कांग्रेस भवन जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट पर बैरिकेडिंग की गई।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है।