Chhattisgarh Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 9 सितंबर को मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक होगी। मंत्रालय महानदी भवन में सुबह 11:30 बजे प्रस्तावित इस बैठक में प्रदेश से जुड़े कई नीतिगत और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव मीडिया के सामने सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देंगे।
साय कैबिनेट की पिछली बैठक 5 अगस्त को आयोजित हुई थी। अब करीब एक महीने के अंतराल के बाद 9 सितंबर को मंत्रिपरिषद की बैठक होने जा रही है। ऐसे में नई योजनाओं, विभागीय प्रस्तावों और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर लिए जाने वाले संभावित फैसलों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नजर बनी हुई है। हालांकि बैठक का एजेंडा आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में विभागों की ओर से भेजे गए महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी संभव है।
पिछली बैठक में AI मिशन को मिली थी बड़ी मंजूरी
5 अगस्त की बैठक का सबसे चर्चित फैसला छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को मंजूरी देना था। सरकार ने पांच साल की अवधि वाले इस मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी थी। मिशन के तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब और पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 300 से ज्यादा AI स्टार्टअप्स को सहयोग देने और विद्यार्थियों तथा सरकारी कर्मचारियों को AI से जुड़ी ट्रेनिंग देने की योजना बताई गई थी।
रोजगार और निवेश से जुड़े प्रस्तावों पर भी रहा जोर
पिछली कैबिनेट में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड यानी BEML के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए रियायती दर पर जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई थी। सरकार के मुताबिक यह परियोजना छत्तीसगढ़ में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दे सकती है। प्लांट लगने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ स्थानीय MSME सेक्टर को भी कारोबार मिलने की उम्मीद जताई गई थी।
PWD के कामकाज को डिजिटल बनाने का फैसला
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों के प्रबंधन को डिजिटल बनाने की दिशा में WAMIS के पहले चरण को भी मंजूरी दी थी। इस सिस्टम के जरिए निर्माण कार्यों की स्वीकृति से लेकर ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान और लेखा प्रबंधन जैसी प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है। सरकार का उद्देश्य निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ उनकी गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।
ग्रामीण सड़कों के नियमों में बदलाव
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण को लेकर भी पिछली बैठक में महत्वपूर्ण फैसला हुआ था। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के अंतर्गत बारहमासी सड़कों से संबंधित दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत ग्रामीण इलाकों की आंतरिक गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण को लेकर प्रावधान किए गए। ऐसे ग्रामीण मार्गों को भी योजना में शामिल करने की व्यवस्था की गई, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा अन्य योजनाओं के दायरे में नहीं आते।
अंजोर विजन 2047 के लिए 15 करोड़ का अनुदान
पिछली बैठक में ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के क्रियान्वयन से जुड़ी तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्ण अनुदान प्राप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई थी। इस तीन वर्षीय परियोजना के तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, PPP इकोसिस्टम, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस, सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता और जलवायु अनुकूल परियोजनाओं जैसे क्षेत्रों पर काम किए जाने की योजना है।
योजनाओं के भुगतान में S-SNA मॉडल
राज्य की योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency यानी S-SNA मॉडल लागू करने का निर्णय भी पिछली बैठक में लिया गया था। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं के फंड फ्लो को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। नई व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि अलग-अलग बैंक खातों में लंबे समय तक रखने के बजाय केंद्रीकृत मदर अकाउंट से जरूरत के अनुसार हितग्राहियों और वेंडरों को भुगतान किए जाने का प्रावधान है।
पावर कंपनी को बॉन्ड जारी करने की मंजूरी
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा एक अहम फैसला भी पिछली कैबिनेट में हुआ था। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर या बॉन्ड जारी करने और उन्हें स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य कंपनी के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के नए रास्ते खोलना और बिजली से जुड़ी अधोसंरचना में निवेश को बढ़ावा देना है।
9 सितंबर की बैठक में क्या होगा खास?
अब 9 सितंबर की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। पिछली कैबिनेट में तकनीक, उद्योग, ग्रामीण सड़क, वित्तीय प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े बड़े फैसले हुए थे। ऐसे में इस बार भी अलग-अलग विभागों से आने वाले प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण निर्णय होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि कौन-कौन से प्रस्ताव बैठक के एजेंडे में शामिल हैं और किन पर अंतिम मुहर लगेगी, इसकी आधिकारिक जानकारी कैबिनेट बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।
बैठक के बाद अरुण साव देंगे फैसलों की जानकारी
कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव मीडिया से चर्चा करेंगे। इस दौरान वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों और सरकार के आगामी कदमों की जानकारी साझा करेंगे।


