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Election Commission Controversy: कांग्रेस ने कहा— ज्ञानेश कुमार साबित हुए भाजपा की कठपुतली, दो चुनाव आयुक्तों की टिप्पणियों से खुलासा

Election Commission Controversy: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए गंभीर आरोप अब प्रमाणित होते नजर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने रायपुर में एक बयान जारी करते हुए कहा कि दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक […]

Chhattisgarh Congress Communication Department Chairman Sushil Anand Shukla
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Election Commission Controversy: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए गंभीर आरोप अब प्रमाणित होते नजर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने रायपुर में एक बयान जारी करते हुए कहा कि दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की टिप्पणियों से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि सीईसी अपने पद के दायित्वों का निष्पक्ष निर्वहन नहीं कर रहे हैं।

एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप

कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के निर्देशन में एसआईआर (SIR) के तहत मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह दोषपूर्ण तरीके से की गई है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने करीब 15 महीने पहले ही वोट चोरी और गड़बड़ी का बड़ा मुद्दा उठाया था, जो आज पूरी तरह सही साबित होता दिख रहा है।

दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज करने का मामला

कांग्रेस ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों— सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 अलग-अलग मौकों पर एसआईआर को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें दरकिनार कर दिया। आयोग के नियमों के मुताबिक निर्णय बहुमत से होने चाहिए, लेकिन दो आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज करना सीईसी की मनमानी को दर्शाता है।

गृह मंत्रालय और सत्ता पक्ष के इशारे पर काम करने का आरोप

सुशील आनंद शुक्ला ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने केंद्रीय गृह मंत्री और सत्ता पक्ष के इशारे पर एक ‘कठपुतली’ की तरह भूमिका निभाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीईसी जो कुछ भी कर रहे हैं, वह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की पूरी जानकारी व समर्थन से हो रहा है, जिससे संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

महाभियोग प्रस्ताव और संवैधानिक गरिमा पर संकट

कांग्रेस ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद की गरिमा को धूमिल किया है। इससे पहले 24 अप्रैल 2026 को विपक्ष के 73 सांसदों ने उन्हें हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पेश किया था, जो अभी भी लंबित है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो विपक्षी सांसद उन्हें पद से हटाने के लिए एक बार फिर जोरदार तरीके से महाभियोग प्रस्ताव आगे बढ़ाएंगे।

  • छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहे हैं और भाजपा की कठपुतली की तरह भूमिका निभा रहे हैं।
  • राहुल गांधी ने 15 महीने पहले यह मुद्दा उठाया था।
  • मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए 24 अप्रैल 2026 को विपक्ष के 73 सांसदों ने महाभियोग प्रस्ताव पेश किया था।
  • चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों का हवाला दिया गया है।
Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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