CG Congress: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने राजधानी रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने राज्य में शिक्षा व्यवस्था, सड़कों की जर्जर स्थिति और कानून-व्यवस्था को लेकर साय सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा सत्र शुरू हुए 4 महीने हो चुके हैं, लेकिन सरकार बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दे पा रही है।
स्कूलों की बदहाली और छात्राओं का पैदल मार्च
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश भर में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छात्र-छात्राएं स्कूल भवन, किताबों और शिक्षकों की कमी को लेकर प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं। उन्होंने सरगुजा के शिवपुर का जिक्र करते हुए कहा कि एकलव्य विद्यालय की छात्राएं 3 महीने से बिजली बंद रहने, मेस में खराब खाना मिलने और पढ़ाई न होने के कारण 40 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने निकलीं। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि समस्याओं को हल करने के बजाय बच्चों के आंदोलनों को कांग्रेस प्रायोजित बताना बेहद शर्मनाक है।
सड़कों की बदहाली पर सरकार को घेरा
प्रदेश में सड़कों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बैज ने कहा कि राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर, सरगुजा और जशपुर तक एक भी सड़क ऐसी नहीं बची है, जिस पर आसानी से चला जा सके। पिछले ढाई सालों में सरकार ने न तो नई सड़कें बनाईं और न ही पुरानी सड़कों की मरम्मत कराई। सड़कों के गड्ढे सरकार की नाकामी को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजधानी में सड़कों की बदहाली उजागर करने पर एक पत्रकार को जेल तक भेज दिया गया।
2028 विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारियां
कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत ब्लॉक अध्यक्षों और जिला मास्टर ट्रेनरों का संभागीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। बस्तर और दुर्ग संभाग की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब बिलासपुर, सरगुजा और रायपुर संभाग का प्रशिक्षण होगा। बैज ने कहा कि कांग्रेस मंडल और बूथ स्तर तक मजबूत ढांचा तैयार कर रही है। पार्टी का लक्ष्य वर्ष 2028 में राज्य में कांग्रेस की वापसी और 2029 में देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनाना है।
पूर्व प्रभारी सचिन पायलट का आभार, नए प्रभारी सुखदेव का स्वागत
दीपक बैज ने पूर्व प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी ने सवा दो वर्षों तक संगठन को बूथ और ग्राम स्तर तक बेहद मजबूत किया है। उन्होंने सचिन पायलट के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, नए प्रभारी सुखदेव भगत का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि उनके अपार अनुभव के साथ कांग्रेस राज्य में जनहित के मुद्दों और भाजपा सरकार के कुशासन के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करेगी।
दिल्ली हादसे से सबक ले सरकार
दिल्ली में एक पुरानी इमारत गिरने से हुई बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ सरकार को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने मांग की कि रायपुर समेत राज्य के सभी बड़े शहरों में स्थित पुरानी इमारतों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। इसके अलावा, सभी कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की इमारतों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाए ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
FAQ
प्रश्न 1: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरगुजा की छात्राओं के पैदल मार्च को लेकर क्या कहा?
उत्तर: बैज ने बताया कि सरगुजा के शिवपुर स्थित एकलव्य विद्यालय में 3 महीने से बिजली न होने, खराब भोजन और शिक्षकों की कमी के कारण छात्राएं अपनी मांगों को लेकर 40 किमी पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने निकलीं।
प्रश्न 2: सड़कों की बदहाली को लेकर दीपक बैज ने राज्य सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उत्तर: उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में भाजपा सरकार ने न तो नई सड़कें बनाई हैं और न ही मरम्मत कराई है, जिससे रायपुर, बस्तर, सरगुजा और जशपुर सहित पूरे प्रदेश की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं।
प्रश्न 3: कांग्रेस का संभागीय प्रशिक्षण शिविर किन आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है?
उत्तर: कांग्रेस यह प्रशिक्षण शिविर अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए चला रही है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2028 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव और वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करना है।
प्रश्न 4: नए और पुराने प्रदेश प्रभारियों को लेकर दीपक बैज ने क्या बयान दिया?
उत्तर: उन्होंने पूर्व प्रभारी सचिन पायलट का आभार जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन बूथ स्तर तक मजबूत हुआ और नए प्रभारी सुखदेव भगत के मार्गदर्शन में भाजपा सरकार के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने की बात कही।
प्रश्न 5: दिल्ली हादसे के बाद दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ सरकार से क्या मांग की है?
उत्तर: उन्होंने मांग की कि दिल्ली हादसे से सबक लेते हुए रायपुर और अन्य बड़े शहरों के पुराने भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए तथा कोचिंग और शैक्षणिक संस्थानों का फायर ऑडिट अनिवार्य किया जाए।


