BTI Ground Raipur: भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा राजधानी रायपुर के प्रसिद्ध बीटीआई ग्राउंड (BTI Ground) में कमर्शियल और रेसीडेंसियल प्रोजेक्ट बनाए जाने का कांग्रेस पार्टी ने तीखा विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार की इस योजना की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि राजधानी में पहले से ही खुले मैदानों की भारी कमी है, ऐसे में मुश्किल से बचे एक-दो मैदानों को भी सरकार व्यवसायिक उपयोग के लिए बेचने पर आमादा है।
शंकर नगर क्षेत्र का एकमात्र खुला मैदान है बीटीआई ग्राउंड
सुशील आनंद शुक्ला ने बीटीआई ग्राउंड का महत्व रेखांकित करते हुए कहा कि यह मैदान शंकर नगर और आसपास के क्षेत्र का एकमात्र प्रमुख खुला स्थान है। यहां रोजाना सुबह-शाम बड़ी संख्या में नागरिक सैर करने आते हैं। इसके अलावा, इस मैदान में विभिन्न प्रकार के खेलकूद, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थल पर कमर्शियल और रेसीडेंसियल प्रोजेक्ट का निर्माण पूरी तरह से गलत और जनविरोधी निर्णय है।
सरकार बिल्डर न बने, सामाजिक सरोकार निभाए
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि राजधानी में आज अधिक से अधिक खुले मैदानों की आवश्यकता है। सरकार को बिल्डर की तरह मुनाफा कमाने के बजाय अपने सामाजिक और नागरिक सरोकारों को निभाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी भाजपा सरकारों के दौरान कई सरकारी स्कूलों के मैदानों पर दुकानें और अन्य निर्माण करवाकर उन्हें खत्म कर दिया गया। साइंस कॉलेज मैदान, सप्रे स्कूल, आरडी तिवारी स्कूल और मोवा स्कूल जैसे मैदान पहले ही अपनी पहचान खो चुके हैं।
बच्चों के खेलकूद का हक छीनने का आरोप
कांग्रेस ने कहा कि बीटीआई ग्राउंड मुख्य रूप से स्थानीय बच्चों के खेलकूद और गतिविधियों के लिए आरक्षित है। सरकार पैसा कमाने की अंधी होड़ में राजधानीवासियों की मूलभूत नागरिक सुविधाओं को छीनने का काम कर रही है। खेल मैदानों को कंक्रीट के जंगल में तब्दील करने से शहर के बच्चों का शारीरिक विकास और आम नागरिकों का स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होगा, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
सरकार के पास इस मैदान का क्या विकल्प
सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि यदि बीटीआई ग्राउंड पर कमर्शियल और रेसीडेंसियल निर्माण कराया जाता है, तो सरकार के पास इस मैदान का क्या विकल्प है? उन्होंने पूछा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि रायपुर में ऐसे कितने खुले मैदान उपलब्ध हैं जहां नागरिक अपने सामान्य खेलकूद, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित कर सकेंगे? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस प्रोजेक्ट को रद्द नहीं किया, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।



