रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कांग्रेस द्वारा की गई आर्थिक नाकेबंदी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि, कांग्रेस सिर्फ शहजादों के लिए आंदोलन करती है, बाकी नेताओं और कार्यकर्ताओं की उसे कोई परवाह नहीं है। भ्रष्टाचार के मामलों के लगातार उजागर होने के बाद अब कांग्रेस में भी भूपेश बघेल की स्वीकार्यता खत्म होती जा रही है।
डिप्टी सीएम साव ने कहा कि ऐसा पहली बार देखा गया है जब भ्रष्टाचार के आरोपियों के पक्ष में आर्थिक नाकेबंदी कर निर्दोष जनता को सजा देने की कोशिश की गई। लेकिन प्रदेश की जनता ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल के बयान, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके पिता जीवित होते तो बेटे की गिरफ्तारी पर गर्व महसूस करते, हैरान करने वाला है।
भूपेश बघेल का असली चेहरा सामने आ गया: साव
साव ने कहा कि भूपेश बघेल अब अपने पिता नंदकुमार बघेल की विचारधारा से सहमति जताने लगे हैं, जो पहले हिंदुत्व और भगवान श्रीराम का विरोध करते थे। उन्होंने कहा कि अब भूपेश बघेल का असली चेहरा सामने आ गया है। पहले वे कहते थे कि अपने पिता की सोच से असहमत हैं, लेकिन अब उनके विचारों को समर्थन दे रहे हैं।
बेटे की गिरफ्तारी पर गर्व? यह कैसी सोच: साव
अरुण साव ने भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि एक पिता को तब गर्व होता है जब उसका बेटा डॉक्टर, इंजीनियर या समाजसेवी बनता है, लेकिन भूपेश बघेल इस बात से गर्व महसूस कर रहे हैं कि उनके बेटे को अब देश जान गया है – वो भी आर्थिक अपराध के कारण। यह सोच चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
2500 करोड़ की अवैध कमाई, रियल एस्टेट में निवेश: ईडी
डिप्टी सीएम ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और करीब 2500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई कुछ चुनिंदा लोगों की जेब में चली गई। इसमें भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल का भी नाम सामने आया है, जिन्हें 16.70 करोड़ रुपये की अवैध आय मिली थी, जिसे उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के जरिए खपाया।
कांग्रेस सरकार खुद अपने राजस्व में सेंध लगा रही थी: साव
साव ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह शासन में रहते हुए कोयला, चावल, शराब, पीएससी और महादेव ऐप जैसे घोटालों के जरिए प्रदेश के आर्थिक विकास की राह में रोड़े अटका रही थी। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार खुद अपने ही खजाने में डाका डालने वाली सरकार थी। आर्थिक नाकेबंदी में कांग्रेस को विशेषज्ञता हासिल है, लेकिन अब जनता ने उनके षड्यंत्रों को पहचान लिया है।


